श्री झूलेलाल चालिहा महोत्सव का आयोजन विगत 2 दिसंबर 2024 को झूलेलाल मंदिर चक्करभाटा में हुआ था जिसका समापन 10 जनवरी 2025 को बड़े ही हरसो उल्लास के साथ संपन्न हुआ इस 40 दिनों में सुबह-शाम आरती पूजा एवं नित्य नियम किया गया व कई संत महात्मा नेता अभिनेता भी मंदिर में पहुंचकर अपनी हाजिरी लगाई वह साध संगत को अपना दर्शन दिए 40 दिनों तक धर्मानगरी चक्करभाटा भक्ति में डूबी रही 10 जनवरी को समापन के दिन कार्यक्रम की शुरुआत पूज्य बहाराणा साहब की पूजा अर्चना करके सुबह 12:00 बजे शोभायात्रा मंदिर से निकाली गई सबसे आगे छत्तीसगढ़ के करमा नृत्य पार्टी अपने ताल से ताल मिलाते हुए अन्य संगीत के साज्य सामान बजाते हुए चल रहे थे उसके पीछे धुमाल पार्टी में भक्ति भरे भजनों पर सिंधी हिंदी गीतो पर भक्तजन नाचते गाते हुए चल रहे थे उसके बाद भव्य भगवान झूलेलाल जी की बड़ी मूर्ति को भक्त खींचते हुए चल रहे थे अखंड ज्योत के साथ पूज्य बहराणा साहब सजाया गया था ,
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भगवान रामचंद्र जी की सजीव झांकी भी बनाई गई थी बाहुबली हनुमान जी भी थे और अघोरियों के द्वारा भगवान भोलेनाथ का राखड वाला तांडव नृत्य दिखाते हुए लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे साथ में बच्चों के लिए डुगडुगी भी थी रथ में सांई जी
साध संगत को दर्शन देते हुए शोभायात्रा नगर भ्रमण करते हुए तालाब पहुंची जगह-जगह शोभायात्रा का फूलों की वर्षा के साथ आतिशबाजी के साथ बहुत स्वागत सत्कार किया गया नगर वासियों के द्वारा जगह-जगह खाद्य सामग्री और चाय पानी नाश्ते के अलग-अलग स्टाल लगाए गए थे दोपहर 2:00 बजे तालाब पहुंचकर शोभायात्रा का समापन हुआ विधि विधान के साथ पूजा अर्चना करने के बाद पूज्य बहराणा साहब का विसर्जन किया गया अखंड ज्योत को परवान किया गया दोपहर 2:00 बजे से आम भंडारा आरंभ हो गया था संध्या 6:00 बजे एक निजी स्कूल के मैदान में हजारों की तादाद में भक्तजन पहुंचे थे दिव्य दर्शन करने और सांई जी ,की अमृतवाणी सुनने अब वह समय आ गया , पूरा मैदान खचाखच भरा हुआ था

और भगवान झूलेलाल की धूनी में रंगे हुए थे जैसे ही सांई जी पहुंचे 40 दिन का अपना मौन व्रत समाप्त करते हुए जो पहला शब्द का उच्चारण था वह था जय झूलेलाल उसके बाद अपनी अमृतवाणी में सांई जी ने कहा कि हमारे अंदर शैतान और आत्मा दोनों हैं हमें अपनी आत्मा को परमात्मा से मिलना है और शैतान को मिटाना है और चार फल होते हैं जो हर इंसान उसे पाना चाहता है पर अपने अंदर बैठे शेतान के कारण प्राप्त नहीं कर पता है इसलिए उसे जब तक हम खत्म नहीं करेंगे तब तक हम चार फल की प्राप्ति नहीं कर पाएंगे और आत्मा को परमात्मा से नहीं मिला पाएंगे और हमें संगठित होने की जरूरत है संगठन में ही शक्ति होती है जब कोई 👨,मधु
🐝 मक्खी के घोसले पर पत्थर मारता है तो वह सारी मधुमक्खियां उस व्यक्ति के पीछे पड़ जाती हैं और अगर कोई व्यक्ति किसी एक कुत्ते को पत्थर मारता है तो कुत्ता भाग जाता है इसका तात्पर्य यह है कि कुत्ता अकेला था इसलिए वह पत्थर खाकर भी भाग गया कुछ नहीं कर पाया और छोटी-छोटी मधुमक्खियां संगठित थी एक थी इसलिए वह जिसने उसके घोषले में पत्थर मारा उस व्यक्ति को काटने के लिए दौड़ पड़ी मतलब साफ है अगर आप एक रहोगे तो सेफ रहोगे और एकता में शक्ति होती है,
और इस 40 दिनों में चालिहा के अवसर पर जिन-जिन भक्तों ने अपने,अपने घरों में घाघर की पूजा अर्चना की है भगवान झूलेलाल की पूजा अर्चना की है उन सभी की मनोकामना जल्द से जल्द पूरी हो, और आए हुए सभी भक्तजन जो यहाँ बैठे हैं और जो अपने घरों में बैठे हैं उन सब का भला होगा

संध्या 7:00 बजे मंदिर में पहुंचकर सभी भक्त जनों को प्रसाद वितरण किया गया आज के इस पूरे कार्यक्रम को सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव प्रसारण किया गया एवं इस आयोजन में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में भक्त जन छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश महाराष्ट्र गुजरात राजस्थान दिल्ली व अन्य प्रदेशों के शहरों से आए थे इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में बाबा गुरमुख दास सेवा समिति झूलेलाल महिला सखी सेवा ग्रुप पूज्य सिंधी पंचायत चक्करभाटा के सभी सदस्यों का विशेष सहयोग रहा इस कार्यक्रम को कवर करने के लिए सुबह से रात तक हमर संगवारी के प्रधान संपादक विजय दुसेजा ने कवर किया