
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने सैफ अली खान और उनके परिवार को भोपाल की करीब 15,000 करोड़ रुपये की पैतृक संपत्ति को लेकर बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने इन संपत्तियों को शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968 के तहत ‘शत्रु संपत्ति’ घोषित किया है और 2000 के ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें सैफ की दादी साजिदा सुल्तान को संपत्ति की वैध वारिस माना गया था।
संपत्ति विवाद का कारण:
भोपाल के अंतिम नवाब हमीदुल्लाह खान की तीन बेटियों में से सबसे बड़ी, आबिदा सुल्तान, 1950 में पाकिस्तान चली गई थीं। शत्रु संपत्ति अधिनियम के तहत, जो व्यक्ति विभाजन के समय पाकिस्तान चले गए, उनकी भारत में संपत्तियां सरकार के अधीन हो सकती हैं। सरकार का दावा है कि आबिदा सुल्तान वैधानिक वारिस थीं, इसलिए उनकी संपत्ति ‘शत्रु संपत्ति’ की श्रेणी में आती है।
संपत्तियों का विवरण:
विवादित संपत्तियों में सैफ का बचपन का घर फ्लैग स्टाफ हाउस, नूर-उस-सबा पैलेस, दार-उस-सलाम, हबीबी का बंगला, अहमदाबाद पैलेस, और कोहेफिजा की संपत्तियां शामिल हैं।