बिलासपुर :- बेलगहना, कुरदर के जोहार इको रिसॉर्ट के मैनेजर रजनीश सिंह ने चीतल का मास पकवाया था किस वीवीआईपी के लिए.. चीतल के शिकार का यह बहुत ही गंभीर मामला है पहले तो शिकारियों ने फंदा लगाया फिर पालतू शिकारी कुत्तों को दौड़ा कर फंदे में फसाया था. सोच समझ कर शिकार कराया गया था पर किसके लिए..
शहर में चर्चा जोरो पे है कि छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के जोहार इको रिसॉर्ट में चीतल और जंगली सुवर का मास यह पहली बार नहीं पकाया गया है यहां वीवीआईपी के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराई जाती रही है बस प्रकरण पहली बार बना है। शिकार वन विकास निगम के जंगल में ही फंदा लगा के किया जाता है. निगम के जंगल से अचानकमार टाइगर रिजर्व भी जुड़ा हुआ है. इस क्षेत्र में बाघ और तेंदुए का मूमेंट भी है.
बिलासपुर छत्तीसगढ़ वन एवम् जलवायु परिवर्तन विभाग ने छै आरोपियों को गिरफ्तार किया कर लिया है लेकिन चीतल के अवशेष अभी तक बरामद नहीं कर पाई है अक्सर शिकार के ऐसे प्रकरण में सींग, खाल, पैर, खुर और शिकार में उक्त हथियार मिल ही जाता है.
विभाग के कर्मचारी और अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है. बात निकली है बड़ी दूर तलक जाएगी…