बिलासपुर। न्यायधानी के प्रमुख और घनी आबादी वाले क्षेत्र सिंधी कॉलोनी में पिछले 24 घंटों से बिजली आपूर्ति ठप होने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिना बिजली के रह रहे स्थानीय लोगों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। यह स्थिति बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
भीषण गर्मी में बेहाल बुजुर्ग और मरीज
क्षेत्र में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जिससे बिना बिजली के हालात और भी भयावह हो गए हैं। कूलर और पंखे बंद होने के कारण घरों के भीतर रहना मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, छोटे बच्चों और गंभीर मरीजों को हो रही है। कई घरों में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जैसे जरूरी मेडिकल उपकरण बंद पड़े हैं, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ गई है।
पानी का गहराता संकट


बिजली कटौती का सीधा असर पानी की सप्लाई पर पड़ा है। मोटर नहीं चल पाने से घरों की टंकियां खाली हो चुकी हैं और लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। कई परिवार पीने के पानी के लिए बाहर से बोतलें खरीदने या दूर-दराज इलाकों से पानी लाने को मजबूर हैं।
एक स्थानीय निवासी ने नाराजगी जताते हुए कहा, “बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। टैक्स देने के बाद भी हमें मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसाया जा रहा है।”
विभाग पर उठे सवाल, त्वरित कार्रवाई की मांग
24 घंटे बीत जाने के बाद भी फॉल्ट का पता नहीं लग पाना और मरम्मत कार्य में देरी बिजली विभाग की लापरवाही को उजागर करता है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर बिजली आपूर्ति बहाल करने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है

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इस मामले में समाजसेवी मोहन मदवानी, सुरेश बजाज, पवन मोटवानी, अशोक श्रीवास, सन्नी लाहौरानी, नरेश लालवानी, रामलाल चंदानी (पूर्व अध्यक्ष, पूज्य पंचायत), हरिकिशन गंगवानी (अध्यक्ष, सिंधु जनजागरण समिति), अंजू लालचंदानी, परमानंद गिदवानी, करण जेठानी सहित अन्य नागरिकों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए शीघ्र समाधान की मांग की है।
यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो क्षेत्र के लोगों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
