सरला भूरंगी ने जगाए संस्कारों के दीप, बी के लक्ष्मी बहन ने सिखाए आत्मरक्षा के गुर
बिलासपुर। बालकों के नैतिक, आध्यात्मिक एवं शारीरिक विकास के उद्देश्य से आयोजित बाल संस्कार शिविर में बच्चों को प्रेरणादायक शिक्षाओं के साथ आत्मरक्षा का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। शिविर में सरस्वती शिशु मंदिर की पूर्व प्रधान पाठीका सरला भूरंगी बहन एवं मार्शल आर्ट प्रशिक्षिका लक्ष्मी बहन ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें जीवनोपयोगी शिक्षाएं प्रदान कीं।
कार्यक्रम में सरला भूरंगी बहन ने बच्चों को नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं देशभक्ति का महत्व समझाया। उन्होंने भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के संघर्षपूर्ण जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर मेहनत और सकारात्मक सोच से सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने बच्चों को सभी धर्मों का सम्मान करने, बड़ों का आदर करने एवं अच्छे संस्कार अपनाने की प्रेरणा दी।

इस दौरान बच्चों ने “वंदे मातरम्” एवं अन्य प्रेरणादायक गीतों के माध्यम से देशभक्ति और अध्यात्म का अनुभव किया। सरला बहन ने कहा कि संस्कारवान बच्चे ही समाज और राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य बनते हैं।
वहीं, बी के लक्ष्मी बहन द्वारा बच्चों को आत्मरक्षा के महत्वपूर्ण गुर सिखाए गए। उन्होंने विशेष रूप से बालिकाओं को सजग रहने, संकट की स्थिति में साहसपूर्वक प्रतिक्रिया देने एवं अपनी सुरक्षा के उपाय बताए। प्रशिक्षण में बच्चों को मार्शल आर्ट्स की प्रारंभिक तकनीकें सिखाई गईं तथा अकेले यात्रा करते समय आवश्यक सावधानियां बरतने की जानकारी दी गई।
शिविर में योग, व्यायाम, ध्यान एवं नैतिक शिक्षा के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। कल समापन अवसर पर प्रतिभागी बच्चों को डिजिटल सर्टिफिकेट एवं विशेष उपहार प्रदान किए जाएंगे।
मीडिया प्रभाग,
ब्रह्माकुमारीज़, बिलासपुर टिकरापारा
