बिलासपुर प्रेस क्लब की गृह निर्माण समिति में कथित वित्तीय अनियमितताओं और जमीन आवंटन में देरी को लेकर भूमिहीन पत्रकारों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। प्रेस क्लब के सदस्य और भूमिहीन पत्रकारों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तत्कालीन पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और वित्तीय ऑडिट कराने की मांग की है।
पत्रकारों का आरोप है कि गृह निर्माण समिति के माध्यम से वर्षों पहले आवासीय भूमि आवंटित किए जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक उन्हें जमीन नहीं मिल सकी है। ज्ञापन में कहा गया है कि समिति के कामकाज में भारी वित्तीय गड़बड़ियों और अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद शासन ने समिति में प्रशासक नियुक्त किया था।
पत्रकारों के अनुसार तत्कालीन प्रशासक श्री बाजपेई ने जांच के दौरान गड़बड़ी की पुष्टि करते हुए संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए थे, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। आवेदकों ने आरोप लगाया कि मामले को दबाने और दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
ज्ञापन में पत्रकारों ने मांग की है कि दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा समिति के संपूर्ण वित्तीय लेन-देन का ऑडिट कराया जाए।
पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे अपने अधिकारों की मांग को लेकर थाना सिविल लाइन के सामने धरना-प्रदर्शन करेंगे।
