
*बिलासपुर पुलिस के मानसिक स्वास्थ्य व तनाव प्रबंधन के लिए बिलासा गुड़ी के चेतना सभागृह में कार्यशाला आयोजित**बिलासपुर।* ब्रह्माकुमारीज़ के सुरक्षा सेवा प्रभाग (RERF) द्वारा संचालित राष्ट्रव्यापी अभियान *‘स्व-सशक्तिकरण से राष्ट्र-सशक्तिकरण’* के अंतर्गत बिलासपुर जिला पुलिस के अधिकारियों एवं जवानों के लिए *‘मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन’* विषय पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में *अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रामगोपाल करियारे** एवं **डीएसपी श्रीमती मंजुलता केरकेट्टा* सहित पुलिस अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे।मुख्य वक्ता **बीके संजीव भाई* ने कहा कि आज पुलिसकर्मियों के लिए शारीरिक फिटनेस के साथ मानसिक सशक्तता भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कंप्यूटर के *‘प्रॉपर शटडाउन’* का उदाहरण देते हुए समझाया कि जैसे कंप्यूटर को सही ढंग से बंद करना आवश्यक होता है, उसी प्रकार ड्यूटी समाप्त होने के बाद कार्यस्थल का तनाव, कड़वाहट और नकारात्मक अनुभव वहीं छोड़कर घर जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि *”ड्यूटी का तनाव घर नहीं, केवल सेवा की संतुष्टि लेकर जाएँ।”* तभी परिवार में प्रेम, शांति और सकारात्मक वातावरण बना रहेगा।उन्होंने *’रोल और सोल’* का अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि वर्दी, पद और जिम्मेदारियाँ केवल जीवन के निभाए जाने वाले रोल हैं, जबकि हमारी वास्तविक पहचान एक शांत, शक्तिशाली और आनंदस्वरूप आत्मा की है। जब व्यक्ति आत्मचेतना में रहता है तो आलोचना, अपमान या कठिन परिस्थितियाँ भी उसके मन की शांति को प्रभावित नहीं कर पातीं। उन्होंने सकारात्मक सोच, कृतज्ञता, वर्तमान में जीने तथा प्रतिदिन राजयोग ध्यान के अभ्यास को मानसिक स्वास्थ्य की सबसे प्रभावी औषधि बताया।कार्यक्रम में **ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी** ने कहा कि राजयोग मेडिटेशन व्यक्ति को भीतर से सशक्त बनाकर तनाव, क्रोध और भय पर विजय दिलाता है तथा सेवा के साथ-साथ पारिवारिक जीवन में भी संतुलन स्थापित करता है।अंत में दीदी ने सभी से नशामुक्ति का संकल्प भी कराया।
