
बिलासपुर। अग्रज नाट्य दल द्वारा आयोजित 45 दिवसीय प्रस्तुति-परक नाट्य कार्यशाला के समापन अवसर पर आयोजित चार दिवसीय योगेश स्मृति नाट्य समारोह के दूसरे दिन शनिवार को दो सशक्त नाटकों “ओ राजा जी” और “लेट्स ब्रेक” का प्रभावशाली मंचन किया गया। इसी अवसर पर महाराष्ट्र के अहिल्यानगर के प्राथमिक शिक्षक लहू विक्रम बोराटे को योगेश स्मृति शिक्षक सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया।मुख्य अतिथियों के विचारमुख्य अतिथि अनिल टाह (समाजसेवी, पूर्व महापौर एवं शोभा फाउंडेशन के संस्थापक) ने कहा कि नाटक केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाली सशक्त विधा है। उन्होंने कहा कि योगेश स्मृति नाट्य समारोह की प्रस्तुतियां इसकी गुणवत्ता और सफलता का प्रमाण हैं तथा ऐसे आयोजन समाज में संवेदनशीलता, संवाद और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं।विशिष्ट अतिथि डॉ. अजय श्रीवास्तव (चेयरमैन, आधारशिला ग्रुप) ने पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि एक समर्पित व्यक्ति पूरे गांव की तस्वीर बदल सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक बनाया नहीं जाता, बल्कि शिक्षक जन्म से होता है और वही समाज निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है।आकाशवाणी बिलासपुर की कार्यक्रम प्रमुख डॉ. सुप्रिया भारतीयन ने कहा कि 45 दिवसीय कार्यशाला ने बच्चों की प्रतिभा और भावनाओं को अभिव्यक्ति का मंच दिया। उन्होंने स्वर्गीय योगेश पांडे को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा और रंगमंच का ऐसा समन्वय स्थापित किया, जिसने अनेक विद्यार्थियों के जीवन को नई दिशा दी।चैतन्य महाविद्यालय, पामगढ़ के डायरेक्टर वीरेन्द्र तिवारी ने कहा कि इस प्रकार के नाट्य आयोजन युवाओं में सृजनात्मक सोच, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास करते हैं।

योगेश स्मृति शिक्षक सम्मान-2026सम्मानित शिक्षक लहू विक्रम बोराटे पिछले 15 वर्षों से महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में प्राथमिक शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। साधारण किसान परिवार से आने वाले बोराटे ने गतिविधि आधारित शिक्षण, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा तकनीक आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है।सम्मान प्राप्त करने के बाद उन्होंने इसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण सम्मान बताते हुए अग्रज नाट्य दल, बिलासपुर एवं छत्तीसगढ़ की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा— “आई लव छत्तीसगढ़।”पहली प्रस्तुति : “ओ राजा जी”डॉ. विनोद कुमार गुप्त द्वारा लिखित एवं सुनील चिपड़े निर्देशित व्यंग्य नाटक “ओ राजा जी” ने सत्ता, व्यवस्था की विसंगतियों, आम आदमी की उपेक्षा तथा सामाजिक असमानताओं को हास्य-व्यंग्य के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।मुख्य कलाकार: अर्पित, अतुल, श्रवण, डॉ. अतुल, मयंक, देविक, विपिन, अमृतेरा, गोपाल, हर्ष एवं दीक्षांश।संगीत निर्देशन: चम्पा भट्टाचार्जीगीत प्रस्तुति: प्रशांत, अजय, राहुल, अंकित, धनंजय, हर्षल एवं सत्येंद्र।गीत लेखन: श्वेता पाण्डेय।दूसरी प्रस्तुति : “लेट्स ब्रेक”सुमेधा अग्रश्री लिखित एवं सुनील चिपड़े निर्देशित नाटक “लेट्स ब्रेक” में स्त्री-पुरुष संबंधों, सामाजिक रूढ़ियों और लैंगिक असमानता जैसे विषयों को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया।मुख्य कलाकार: ऐश्वर्य लक्ष्मी बाजपेयी, मीनू सिंह, तुलिका बाजपेयी, वंदना भांगे एवं प्रेमा कौशिक।मंच सज्जा: रमाकांत सोनी एवं अरुण भांगे।कॉस्ट्यूम एवं मेकअप: अरुण और अमृतेश।कार्यक्रम का संचालन अग्रज नाट्य दल की सचिव श्वेता पाण्डेय ने किया।उल्लेखनीय उपस्थितिसमारोह में पूर्व विधायक रश्मि सिंह, सत्यभामा अवस्थी, महेश श्रीवास, रामकुमार तिवारी सहित शहर के साहित्यकार, रंगकर्मी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित रहे।आज के मुख्य आकर्षण (28 जून)समय: शाम 4:00 बजेस्थान: सिम्स ऑडिटोरियम, बिलासपुरविशेष टॉक शो :

पीयूष मिश्राभारतीय रंगमंच एवं सिनेमा के चर्चित अभिनेता, लेखक, गीतकार और संगीतकार पीयूष मिश्रा प्रतिभागियों एवं दर्शकों के साथ रंगमंच, अभिनय, लेखन और अपनी सृजनात्मक यात्रा के अनुभव साझा करेंगे। वे “गैंग्स ऑफ वासेपुर”, “हमलेट – द बैलेड ऑफ़ मंगू” तथा अपने रंगमंचीय समूह बल्लीमारान के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं।आगामी नाट्य प्रस्तुतियां”प्रेमियों की वापसी” — हरिशंकर परसाई की चर्चित व्यंग्य रचना पर आधारित नाटक।”हबीब तनवीर का रंग-संगीत” — हबीब तनवीर के नाटकों के गीत, धुनों और लोक-संगीत पर आधारित विशेष रंगमंचीय प्रस्तुति।यह संस्करण समाचार-पत्र में प्रकाशित होने के लिए अधिक सुव्यवस्थित, पठनीय और पेशेवर शैली में तैयार किया गया है।
