
बिलासपुर। प्रदेश में विद्युत आपूर्ति को अधिक सुचारु, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के उद्देश्य से ऊर्जा विभाग के सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में बिजली व्यवस्था में सुधार, उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान तथा लंबित विकास कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए गए। सचिव ने कहा कि बिजली आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी जिलों में विद्युत अधोसंरचना को मजबूत करने, ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, खराब उपकरणों को शीघ्र बदलने तथा आवश्यकतानुसार नए ट्रांसफार्मर स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही बिजली संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण पर भी विशेष बल दिया। बैठक में शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा अतिरिक्त इंजीनियरिंग और तकनीकी अमले की व्यवस्था करने पर चर्चा हुई। अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर कार्यों की निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए।अवैध हुकिंग पर चलेगा अभियानसचिव ने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी और अवैध हुकिंग के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाए। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए, जिससे विद्युत वितरण प्रणाली पर अनावश्यक भार कम हो और ईमानदार उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिल सके।विकास कार्यों की होगी सतत निगरानीबैठक में कहा गया कि विद्युत विस्तार से जुड़े सभी विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी। जिन जिलों में कार्यों की गति धीमी है, वहां जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब-तलब किया जाएगा। योजनाओं के लिए स्वीकृत राशि का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।नए सब-स्टेशनों की आवश्यकता पर जोरबढ़ती बिजली मांग को देखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में नए सब-स्टेशनों की स्थापना तथा मौजूदा विद्युत नेटवर्क के आधुनिकीकरण पर भी चर्चा हुई। सचिव ने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजना तैयार की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। बैठक में विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे। सचिव ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रदेश की बिजली व्यवस्था में अपेक्षित सुधार दिखाई दे सके।
