
बिलासपुर। पर्व-त्योहारों के आने के पूर्व ही सूखे नारियल (गोला) के बाजार में हलचल बढ़ा दी है। खुदरा बाजार में सूखे नारियल की कीमतों में पिछले कुछ दिनों के दौरान 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। जो सूखा नारियल एक माह पहले 25-30 रुपये प्रति नग बिक रहा था, वह अब 30 से 40 रुपये प्रति नग तक पहुंच गया है। व्यापारियों के अनुसार, हाल में आए तूफान के कारण कच्चे नारियल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। दूसरी ओर, रथयात्रा, गुरु पूर्णिमा, नागपंचमी, रक्षाबंधन, श्रीगणेश उत्सव और शारदीय नवरात्र जैसे प्रमुख पर्वों की तैयारी शुरू होने से मांग लगातार बढ़ रही है। मांग और आपूर्ति के असंतुलन के कारण कीमतों में तेजी बनी हुई है। खुदरा बाजार में कच्चे नारियल की मांग बढ़ने से इसके दाम में भी लगभग 5 रुपये प्रति नग की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि थोक बाजार में इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम है, लेकिन आने वाले दिनों में कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा। व्यापारियों का कहना है कि पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजनों में नारियल की मांग सबसे अधिक रहती है। इसी को देखते हुए थोक व्यापारी अभी से पर्याप्त स्टॉक जुटाने में लगे हैं। वहीं, सूखे नारियल से बनने वाली गरी (खोपरा) की कीमतों में भी उल्लेखनीय तेजी आई है। नई गरी 800 से बढ़कर 1200 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है, जबकि पहले इसकी कीमत 600 से 1000 रुपये प्रति किलो थी। इसी प्रकार खसखस, सिंघाड़ा आटा, साबूदाना, सिंगाड़ा, सेवई और अन्य व्रत सामग्री की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। कारोबारियों का मानना है कि जैसे-जैसे त्योहार नजदीक आएंगे, इन खाद्य एवं पूजा सामग्री के दामों में और तेजी आ सकती है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो त्योहारी सीजन के चरम पर सूखे नारियल और पूजा सामग्री की कीमतों में अतिरिक्त बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
