
एडीएम को सौंपी गई सूचना, घड़ी चौक से डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक तक रैली, राज्यपाल के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापनरायपुर, 17 जुलाई (भारत सम्मान)। देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों, शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग और नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 18 दिनों से अधिक समय से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk के समर्थन में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में युवाओं ने बड़े जनआंदोलन की तैयारी तेज कर दी है। इसी क्रम में शुक्रवार को सर्व समाज एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर के अपर जिला दण्डाधिकारी (एडीएम) कार्यालय पहुंचकर 19 जुलाई को प्रस्तावित जनआंदोलन की औपचारिक सूचना प्रशासन को सौंपी।प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को बताया कि 19 जुलाई (रविवार) को दोपहर 12 बजे रायपुर के घड़ी चौक से डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक तक शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक जनआंदोलन निकाला जाएगा। रैली के बाद प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपने के लिए राजभवन की ओर प्रस्थान करेगा।ज्ञापन के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी एवं कठोर कार्रवाई, शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने, Sonam Wangchuk के आंदोलन के समर्थन तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग उठाई जाएगी।युवाओं ने कहा— पेपर लीक ने तोड़ दिया भरोसाइससे पहले राजधानी रायपुर के घड़ी चौक में सर्व समाज एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के युवाओं की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में शिक्षा व्यवस्था की वर्तमान स्थिति, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, युवाओं के भविष्य की सुरक्षा तथा लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई।वक्ताओं ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं ने लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य संकट में डाल दिया है। वर्षों की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों का मनोबल टूट रहा है और युवाओं का व्यवस्था पर विश्वास लगातार कमजोर हो रहा है। यदि समय रहते इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो इसका दूरगामी असर देश की शिक्षा व्यवस्था और रोजगार व्यवस्था पर पड़ेगा।दिल्ली आंदोलन को मिलेगा रायपुर से समर्थनबैठक में 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रस्तावित बड़े आंदोलन का समर्थन करने का भी निर्णय लिया गया। आयोजकों ने कहा कि रायपुर से उठने वाली यह आवाज केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शिक्षा और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने तथा अधिक से अधिक युवाओं को आंदोलन से जोड़ने की रणनीति भी बनाई गई।“यह किसी राजनीतिक दल का आंदोलन नहीं”आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में नहीं है। इसका उद्देश्य केवल देश के करोड़ों विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।उन्होंने प्रदेशभर के विद्यार्थियों, अभिभावकों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों एवं आम नागरिकों से अपील की कि वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से इस जनआंदोलन में शामिल होकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार की इस मुहिम को सफल बनाएं।प्रमुख मांगें* शिक्षा व्यवस्था में व्यापक एवं प्रभावी सुधार।* प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।* पेपर लीक के मामलों पर कठोर एवं समयबद्ध कार्रवाई हो।* युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कानून लागू किया जाए।* Sonam Wangchuk के आंदोलन का सम्मान करते हुए उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल की जाए।* केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग।
