
बिलासपुर। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से बिलासपुर पुलिस ने बीट पुलिसिंग की नई व्यवस्था लागू कर दी है।
एसएसपी रजनेश सिंह ने दिखाई हरी झंडी, शुरू हुई नई बीट पुलिसिंग व्यवस्था
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह ने पुलिस लाइन से 48 मोटरसाइकिलों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों के माध्यम से पुलिसकर्मी 24 घंटे अपने-अपने बीट क्षेत्रों में सक्रिय रहकर निगरानी करेंगे।नई व्यवस्था के तहत जिले को अलग-अलग बीट क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक बीट में नियुक्त पुलिसकर्मी अपने क्षेत्र की सामाजिक गतिविधियों, अपराधियों, असामाजिक तत्वों और संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर रखेंगे। इससे अपराधों की रोकथाम, त्वरित सूचना संग्रह और आम नागरिकों से बेहतर संवाद स्थापित करने में मदद मिलेगी।
सात महत्वपूर्ण रजिस्टर होंगे संधारित
बीट पुलिसिंग को व्यवस्थित बनाने के लिए प्रत्येक बीट में सात प्रमुख रजिस्टर संधारित किए जाएंगे। इनमें बीट रजिस्टर, बीट डायरी, अपराधी एवं हिस्ट्रीशीटर सूची, जनसंपर्क रजिस्टर, शिकायत एवं सूचना रजिस्टर, किरायेदार सत्यापन रजिस्टर तथा भूमि विवाद रजिस्टर शामिल हैं। इन अभिलेखों के माध्यम से प्रत्येक बीट क्षेत्र का विस्तृत सामाजिक एवं आपराधिक प्रोफाइल तैयार किया जाएगा।
24 घंटे रहेगी सतत निगरानी
बीट पुलिसकर्मी निर्धारित शिफ्ट के अनुसार 24 घंटे क्षेत्र में सक्रिय रहेंगे। स्कूल, कॉलेज, बाजार, धार्मिक स्थल, बैंक, एटीएम तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर नियमित गश्त की जाएगी। साथ ही पॉक्सो अपराध, हत्या, लूट, चोरी, नकबजनी, वाहन चोरी, छेड़छाड़, अवैध शराब, सट्टा, जुआ, मादक पदार्थों की तस्करी तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इसके अतिरिक्त हिस्ट्रीशीटर, गुंडा, बदमाश, निगरानीशुदा अपराधी और नवागंतुकों की जानकारी भी नियमित रूप से जुटाई जाएगी। नगर रक्षा समिति और जनसहयोग को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा।
उत्कृष्ट कार्य पर पुरस्कार, लापरवाही पर कार्रवाई
एसएसपी रजनेश सिंह ने स्पष्ट किया कि बीट प्रणाली को केवल औपचारिकता नहीं बल्कि परिणाम आधारित व्यवस्था के रूप में लागू किया जा रहा है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा, जबकि लापरवाही या बीट दायित्वों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि बीट प्रणाली की नियमित समीक्षा थाना प्रभारियों, नगर पुलिस अधीक्षकों तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर पर की जाएगी। इससे पुलिस की जमीनी पकड़ मजबूत होगी, अपराध नियंत्रण में और अधिक सफलता मिलेगी तथा आमजन में सुरक्षा और विश्वास की भावना भी बढ़ेगी।
