*किसानों की जमीन, शासकीय रास्ते और रोजगार-पुनर्वास के वादों को लेकर कलेक्टर से जांच की मांग; करीब 40 किसान परिवारों ने नौकरी व पुनर्वास लाभ से वंचित करने का लगाया आरोप*
*जिला ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, किसान नेता देव चंद्राकर, राजू पंडित जनपद सभापति के नेतृत्व मे किया गया शिकायत*
बिलासपुर-मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पाराघाट, बेलटुकरी एवं मनोहर क्षेत्र में राशि स्टील एंड पावर लिमिटेड की भूमि एवं गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों और किसानों की ओर से कलेक्टर बिलासपुर के समक्ष कई गंभीर शिकायतें प्रस्तुत की गई हैं। 31 अगस्त 2026 को दिए गए अलग-अलग आवेदनों में जमीन के उपयोग, भू-अभिलेखों में कथित बदलाव, किसानों को रोजगार एवं पुनर्वास का लाभ नहीं मिलने तथा कथित दबाव बनाए जाने जैसे कई मुद्दे उठाए गए हैं।
*117 एकड़ जमीन की खरीद और 2022 में प्लांट को बिक्री पर सवाल*
कलेक्टर को दिए एक आवेदन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पाराघाट, बेलटुकरी एवं भनौरा क्षेत्र के किसानों की करीब 117 एकड़ कृषि भूमि वर्ष 2003 से 2009 के बीच खरीदी गई थी। शिकायतकर्ताओं के अनुसार जमीन खरीदने के बावजूद लंबे समय तक वहां प्लांट स्थापित नहीं किया गया और लगभग 12-13 वर्षों बाद वर्ष 2022 में उक्त भूमि को राशि पावर प्लांट पाराघाट को बेच दिया गया।
शिकायत में प्रशासन से यह जांच कराने की मांग की गई है कि किसानों से जमीन किस उद्देश्य एवं किन शर्तों पर खरीदी गई थी, क्या निर्धारित अवधि में उसका उपयोग किया गया, भूमि वर्तमान में किसके नाम दर्ज है तथा दूसरे प्लांट/कंपनी को भूमि हस्तांतरित करने के लिए सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं।
*खसरा नंबर 170 को लेकर भी गरमाया विवाद*
दूसरे आवेदन में ग्राम पंचायत मनसेर से लेकर पाराघाट नीलागर नदी तक के खसरा नंबर 170, जिसका रकबा लगभग 10.21 एकड़ बताया गया है, को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि उक्त भूमि पूर्व में शासकीय रास्ते के रूप में दर्ज थी तथा मनरेगा के तहत वहां मिट्टी एवं मुरुम सड़क निर्माण का कार्य भी हुआ था।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वर्ष 2022 में भूमि के कथित बंटांकन के बाद करीब 2.94 एकड़ भूमि को प्लांट के नाम पर दर्ज/चढ़ा दिया गया, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में ग्रामवासियों को जानकारी नहीं दी गई और आवश्यक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की राजस्व अभिलेखों, बंटांकन, नामांतरण एवं भूमि हस्तांतरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
*करीब 40 किसान परिवारों ने नौकरी और पुनर्वास लाभ से वंचित करने का लगाया आरोप*
तीसरे शिकायत पत्र में ग्राम पाराघाट में राशि स्टील एंड पावर लिमिटेड से प्रभावित बताए जा रहे करीब 40 किसान परिवारों का मुद्दा उठाया गया है। शिकायत में आरोप है कि जिन किसानों एवं परिवारों की भूमि कंपनी की परियोजना से जुड़ी है, उन्हें नौकरी एवं पुनर्वास का लाभ देने की बात कही गई थी, लेकिन शिकायतकर्ताओं के अनुसार उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि लाभ की मांग करने वाले कुछ किसान परिवारों पर दबाव बनाया जाता है तथा पुलिस कार्रवाई का भय दिखाए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर पात्र किसान परिवारों को उनके अधिकारों का लाभ दिलाने की मांग की है।
*एक साथ उठे कई सवाल, अब प्रशासन की जांच पर नजर*
इन शिकायतों के सामने आने के बाद पाराघाट क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण/खरीदी, भू-अभिलेखों में परिवर्तन, शासकीय रास्ते की स्थिति, भूमि हस्तांतरण तथा प्रभावित किसानों के रोजगार-पुनर्वास को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि राजस्व रिकॉर्ड अथवा भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं अन्य पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
शिकायत कर्ताओ मे जिला ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, किसान नेता देव चंद्राकर, राजू पंडित जनपद सदस्य,प्रदीप सोनी पूर्व सरपंच पाराघाट, कांग्रेस नेता अमितेश शुक्ला सहित भारी संख्या मे किसान एवं ग्रामीण उपस्थित रहे!
