मंदिर तोड़े जाने का लोगों ने किया विरोध, मूर्ति शिफ्ट करने में बड़ी-बड़ी मशीनें भी हुईं बेअसर
उज्जैन। उज्जैन शहर में सड़क निर्माण/विस्तार के नाम पर करीब 170 साल पुराने हनुमान मंदिर को हटाए जाने का मामला चर्चा में है। मंदिर को दूसरी जगह स्थापित करने के लिए ढांचे को तोड़ दिया गया। स्थानीय लोगों ने मंदिर हटाने का काफी विरोध किया, लेकिन प्रशासन द्वारा कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
बताया जा रहा है कि जब मंदिर में स्थापित हनुमान जी की प्राचीन मूर्ति को दूसरी जगह शिफ्ट करने की बारी आई तो प्रशासन और विशेषज्ञों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। मूर्ति को हटाने के लिए बड़ी-बड़ी मशीनों और संसाधनों का इस्तेमाल किया गया, लेकिन करीब 40 घंटे की मशक्कत के बाद भी मूर्ति एक इंच तक नहीं हिल सकी।
मूर्ति को स्थानांतरित करने के लिए कई प्रयास किए गए, लेकिन मशीनें भी मानो बेअसर साबित हुईं। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद श्रद्धालु भावुक हो गए और कई भक्तों की आंखों से आंसू निकल पड़े। श्रद्धालुओं ने इसे हनुमान जी का चमत्कार बताते हुए कहा कि प्राचीन मंदिर और मूर्ति के प्रति उनकी गहरी आस्था है।
मंदिर को स्थानीय रूप से खड़े जी हनुमान मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। मूर्ति को सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह स्थापित करने को लेकर अब प्रशासन भी गंभीरता से प्रयास कर रहा है। बताया जा रहा है कि मूर्ति को किस तकनीक और किस तरह से शिफ्ट किया जाए, इसे लेकर जांच और विशेषज्ञों की राय ली जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने धार्मिक आस्था, प्राचीन मंदिरों के संरक्षण और विकास कार्यों के बीच संतुलन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन प्राचीन हनुमान जी की मूर्ति को किस तरह सुरक्षित रूप से स्थापित करता है।
