–अभिषेक, हनुमान चालीसा व सत्संग के बाद भंडारे में उमड़े श्रद्धालु
भीलवाड़ा। हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर में जगद्गुरु श्री श्रीचंद्र जी के 532वें प्राकट्य उत्सव के उपलक्ष्य में रविवार को धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। कार्यक्रम महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन के सानिध्य में संपन्न हुआ।
महोत्सव के तहत शाम को विधिवत रूप से श्री श्रीचंद्र जी का अभिषेक किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा, श्री चंद्र चालीसा एवं हरि चालीसा का पाठ किया। साथ ही मात्रा शास्त्र पाठ एवं सत्संग का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान भगवान गणेश जी का पूजन कर आरती की गई। आश्रम परिसर में भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए और श्री श्रीचंद्र जी के चरणों में श्रद्धा अर्पित की।
महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि सनातन धर्म बचाने के लिए मुगल शासक औरंगजेब द्वारा रोजाना ‘सवा मन’ जनेऊ उतरवाकर हिंदुओं का धर्म परिवर्तन करवाता था, भगवान श्रीचंद्र जी के शिष्य सुथरे शाह को आज्ञा दी कि औरंगजेब को धर्म चर्चा कर समझाया जाए अन्यथा सनातन धर्म में तुमारा वंशज खत्म हो जाएगा, यह इतिहास हिन्दू धर्म व्यवस्था पुस्तक में प्रमाणित है। भगवान श्री श्रीचन्द्र जी के जीवन पर प्रकाश डाला। धार्मिक कार्यक्रमों के पश्चात भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
