कदम संस्था जिसका उद्देश्य है नेत्रदान को बढ़ावा देना, ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता लाना है। इस हेतु संस्था लगातार कई वर्षों से कार्य कर रही है। इसी कड़ी में कोटा क्षेत्र में अग्रसेन भवन में आयोजित कार्यक्रम में कदम संस्था के द्वारा नेत्रदान के बारे में जानकारी दी गई बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे व कई परिवारों ने फॉर्म भरे व नेत्रदान का संकल्प लिया
जिसमें सिम्स के नेत्रदान विभाग के धर्मेंद्र साहू के द्वारा नेत्रदान क्यों आवश्यक है इस पर प्रकाश डाला और वर्तमान में क्या स्थिति है अर्थात हमारे देश के एक बड़ी समस्या है । और इसे हम जागरूकता के द्वारा ही दूर कर सकते हैं इस हेतु केवल सरकार नही बल्कि सभी संस्थाओं को मिलकर कार्य करना होगा तभी भारत अंधत्वमुक्त देश बनेगा।
संस्था के सदस्य ट्विंकल आडवाणी ने नेत्रदान कौन कर सकता है व वर्तमान में किन राज्यों में क्या स्थिति है बताया जिसमें जानकारी दी गई थी तेलंगाना, गुजरात व राजस्थान नेत्रदान के मामले में जागरुक है मगर छत्तीसगढ़ की स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में अच्छी नहीं है ऐसे तो हमें अंधविश्वास को दूर करना होगा ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान बड़े स्तर पर चलना होगा
नेत्रदान किसी व्यक्ति की मृत्यु के 6 घंटे के अंदर किया जाता है जिसमें आंखों की ऊपरी परत कोनिया निकाल जाती है ।एक व्यक्ति की दो आंखों से दो व्यक्ति को जीवन मिलता है ।
नेत्रदान को महादान माना गया है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में कोटा क्षेत्र के संस्था के विश्वनाथ गुप्ता, मोहम्मद जावेद खान ,अरविंद पांडे , सूरज साहू, डॉ चंद्रशेखर गुप्ता, अजय ठाकुर दुर्गेश साहू ,दिलीप गुप्ता
व लवी तोलानी, ऋषभ आडवाणी व
का सहयोग रहा।