राजनैतिक व्यंग्य-समागम 1. राष्ट्रवादी जी के पजामे को बार-बार नीचे खिसकने की गंदी आदत थी। चाहे वे...
देश
गुड़ी पड़वा,चैत्र नवरात्र,चेट्रीचंड्र, ईद-उल-फितर और राम नवमी- एक ऐसा दुर्लभ संगम जो भारत की धर्मनिरपेक्षता को सशक्त...
(आलेख : बादल सरोज) घटनाओं को उनके आगे-पीछे से काटकर सिर्फ घटना के रूप देखना एक तरह...
(साभार टिप्पणी : पीपुल्स डेमोक्रेसी, अनुवाद : संजय पराते) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता और लोकसभा...
लोकतंत्र में प्रोटोकॉल केवल औपचारिक नियम नहीं होते बल्कि वे संस्थाओं की गरिमा और व्यवस्था को बनाए...
नागरिक परिक्रमा(संजय पराते की राजनैतिक टिप्पणियां) मोदी सरकार ने घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कीमतों में...
राष्ट्रीय भाव से बड़ी विचारधारा नहीं -नौजवानों में राष्ट्रीयता की भावना को जगाने की तात्कालिक ज़रूरत
राष्ट्रीय भाव से बड़ी विचारधारा नहीं -नौजवानों में राष्ट्रीयता की भावना को जगाने की तात्कालिक ज़रूरत
राष्ट्रहित से ज्यादा प्राथमिकता अपनी विचारधारा को देना, हमारे देश व लोकतांत्रिक व्यवस्था का बहुत बड़ा नुकसान...
मानव को प्रकृति का साथी बनना होगा अनुकूल मानवीय सभ्यता पर्यावरण संबंधित समस्याओं को दूरकर खुशहाल समृद्ध...
(आलेख : उत्कर्ष भारद्वाज, अनुवाद : संजय पराते) देश :- पिछले कुछ सालों में, हमने देखा है...
डिजिटल युग,कृत्रिम बुद्धिमत्ता और युवा मानसिक स्वास्थ्य- वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत की स्थिति का समग्र विश्लेषण भारतीय...
