बिलासपुर:- प्रीति की रिपोर्ट
*घर पर मंगल कार्य शादी (विवाह) हो खुशी का माहौल होना ही है,और इस खुशी के माहौल में फटाके न जले ऐसा कैसे हो सकता है भला,* *ऐसी ही एक (मंगल कार्य) विवाह में सब नाच रहे थे झूम रहे थे*,*साथ में फटाके फोड़ने का आनन्द भी ले रहे थे तभी अचानक, एक नौजवान मेहमान ने हाथ मे पेपर बम को लेकर* *जलाने का प्रयास किया प्रेशर से पेपर बम फूटा पेपर उड़े और प्रेशर सीधा आँख में घुसा, और आँख से* *दिखना हुआ बन्द, दर्द के मारे युवक कराह उठा, मेहमान युवक को लेकर पंहुचे eye स्पेसलिस्ट dr. संजय मेहता जी के यहाँ उन्होंने तुरन्त ट्रीटमेन्ट शुरू किया*,*और बताया आंख में गहरा जख्म है,तभी दिखना बन्द हुआ है अभी तक आंख की रोशनी नहीं आ पाई है।* *डॉ संजय मेहता जी ने बताया धीरे धीरे वापस रोशनी आने की ही संभावना है।* *धन्यवाद डॉ संजय मेहता जी का उन्होंने ने हमे भरपूर सहयोग दिया।* *समाज को यह संदेश देने का हमारा मकसद है, खुशियां मनाये, लेकिन बैंड बाजे के साथ ,नाच कर , न कि बम फटाकों के साथ खतरे मोल लेकर।इस संदेश पर समाज को गौर करना चाहिए
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Next: बिलासपुर से प्रीति समाचारदिव्यागजनों के लिए सामाजिक संचेतना कार्यक्रम “संकल्प” का शुभारंभकलेक्टर श्री अवनीश शरण हुए शामिल*बिलासपुर, 20 नवंबर 2024/दिव्यांगजनों के हित में सामाजिक संचेतना कार्यक्रम “संकल्प” का विधिवत उदघाटन शासकीय शिक्षा महाविद्यालय बिलासपुर में किया गया। इस अवसर पर बिलासपुर जिले के कलेक्टर श्री अवनीश शरण मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, साथ ही बिलासपुर शिक्षा संभाग के संयुक्त संचालक श्री आर पी आदित्य , समग्र शिक्षा के ए डी पी ओ श्री अनिल तिवारी संस्था के प्राचार्य श्रीमती मीता मुखर्जी एवं संकल्प कार्यक्रम के सूत्रधार डॉ अखिलेश तिवारी सहायक कार्यक्रम समन्वयक समग्र शिक्षा बिलासपुर उपस्थित रहे । संस्था के प्राचार्य द्वारा स्वागत उद्बोधन में अतिथियों का संस्था में आगमन एवं इस महत्वकांक्षी कार्यक्रम के प्रारंभ हेतु संस्था के चयन हेतु साधुवाद दिया गया।कलेक्टर द्वारा संकल्प कार्यक्रम के प्रारम्भकर्ता डॉ अखिलेश तिवारी को इस संवेदनशील और नवाचारी अभियान के लिए शुभकामनाएं प्रदान किया गया तथा कार्यक्रम के प्रतिभागियों से आग्रह किया गया कि किसी भी दिव्यांग व्यक्ति के प्रति दया भाव प्रदर्शित करने के स्थान पर उन्हें विकास के समान अवसर प्रदान करे। श्री अवनीश शरण द्वारा दिव्यांगो के प्रति व्यवहार तकनीक पर बारीकी से प्रकाश डाला । दिव्यांग बच्चो के साथ अन्य बच्चों की तरह ही व्यवहार करे, उनसे पूछ कर ही सहयोग की पेशकश करें, सहयोग या सहायता के नाम पर आवश्यक रूप से शारीरिक संपर्क न करें, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों से सीधे बात करें न कि उनके व्यक्तिगत सहायक से। दिव्यांगो के प्रति समानता सद्भावना सहचर्य एवं समावेशन की भावना रखते हुए उन्हें एक जिम्मेदार मानव संसाधन के रूप में परिष्कृत करने की बात कही। संकल्प कार्यक्रम के उद्देश्य को रेखांकित करते हुए डॉ अखिलेश तिवारी द्वारा बताया गया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिव्यागता की पहचान करना , दिव्यागता के प्रति पालकों, सहपाठियों , शिक्षकों ,शैक्षिक प्रशासकों , शासकीय कर्मचारियों ,एवं आम जनों को जागरूक करते हुए दिव्यांगजनों के प्रति समाज में प्रचलित नकारात्मक अवधारणा को समाप्त करना है। साथ ही शासन की योजनाओं से अवगत कराते हुए समावेशी समाज की स्थापना हेतु जन जागृति लाना है। इस कार्यक्रम के तहत आगामी दो वर्षों में एक लाख लोगों को दिव्यागता के क्षेत्र में उन्मुखीकृत करना है। संयुक्त संचालक शिक्षा द्वारा शिक्षकों को आव्हान किया गया कि विद्यालय में अनुकूल वातावरण निर्माण कर विभिन बाधिता से प्रभावित बच्चो को शिक्षा एवं सामाजीकरण हेतु यथेष्ठ अवसर प्रदान करे। धन्यवाद ज्ञापित करते हुए डॉ अनिल तिवारी द्वारा दिव्यांगो के प्रति समर्पित भाव से कर्तव्य निर्वहन हेतु आह्वान किया गया । कार्यक्रम का संचालन डॉ मुकेश पांडेय द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण , बीएड एवं एम एड के 250 प्रशिक्षार्थी ,विकासखंड समन्वयक श्री वासुदेव पांडे , श्रीमती सीमा त्रिपाठी शिक्षक डॉ उमेश शर्मा ,समावेशी शाखा के समस्त बी आर पी , स्पेशल एजुकेटर एवं कार्यालयीन सहयोगी अमन यादव उपस्थित रहे।