श्री झूलेलाल चालिहा महोत्सव का समापन विगत 10 जनवरी को हुआ 40 दिनों तक सांई जी मौन रहे 14 जनवरी को दिव्य दर्शन के साथ अपना मौन व्रत पूरा किया उपवास पूरा किया उसके बाद प्रथम जो शुक्रवार पड़ा वह 17 तारीख का था जिसमें झुलेलाल मंदिर में बैठक लगी नए साल की पहली बैठक एवं सुबह सत्संग कीर्तन और संध्या महा आरती वह पूज्य बहराणा साहब की पूजा अर्चना की गई इस अवसर पर सांई जी ने बहराणा साहब की महिमा के बारे में बताया कि उसकी महिमा अपरंपार है जो व्यक्ति या परिवार पूज्य बहराणा साहब निकलवाता है उसे तो फल मिलता ही है साथ में जो इसकी पूजा अर्चना में शामिल होता है या इसकी कथा सुनता है उसे भी फल 🍎🍊🍌🍉🍇🍒🍍 मिलता है

और सभी भक्तों का सभी साध संगत का बहुत-बहुत शुक्रिया धन्यवाद जीन्होंने विगत 40 दिनों तक सेवा की तन मन धन से की उन सभी की भगवान झूलेलाल मनोकामना पूरी करें वह उनके दुख दर्द हरे वह धंधे में दिन दुगनी रात चौगुनी तरक्की करें और बरकत दे इस अवसर पर सिंधी युवक समिति के सदस्य भी पहुंचे और सांई जी से आशीर्वाद लिया हमर संगवारी के प्रधान संपादक विजय दुसेजा का सांई जी के द्वारा सम्मान किया गया कार्यक्रम के आखिर में आरती की गई प्रसाद वितरण किया गया पूज्य बहराणा साहब को ढोल बाजे के साथ मंदिर से निकलकर तालाब में विधि विधान के साथ विसर्जन किया गया अखंड ज्योत को परवान किया गया,
आज के इस पूरे कार्यक्रम का सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव प्रसारण किया गया हजारों की संख्या में घर बैठे लोगों ने आज के कार्यक्रम का आनंद लिया