ब्रह्मलीन संत दादा साधु वासवानी जी के 59 वी पुण्यतिथि के अवसर पर साधु वासवानी केंद्र बिलासपुर के द्वारा सिंधी कॉलोनी में सत्संग कीर्तन का आयोजन किया गया कार्यक्रम की शुरुआत संध्या 5:00 बजे आरंभ हुई 7:00 बजे समापन हुआ दादा साधु वासवानी दादा जेपी वासवानी जी के फोटो पर फूलअर्पण का दीप प्रज्ज्वलित करके सत्संग कीर्तन का आयोजन की शुरुआत की गई इस अवसर पर सपना कलवानी और चित्रा पंजवानी के द्वारा भज गोविंदम, पाठ किया गया नूरी ग्रंथ को भोग लगाया गया टीवी के माध्यम से दादा का उपदेश आए हुए सभी भक्तजनों को सुनाया गया वह दिखाया गया जिसमें दादा अपने उपदेश में अपने

अमृतवाणी में एक प्रसंग का उल्लेख करते हैं की चार दोस्त थे जा रहे थे कार से बड़े खुश थे लेकिन कुछ समय के बाद उनकी कार का एक्सीडेंट हो जाता है जिसमें एक दोस्त की वहीं पर मृत्यु हो जाती है और तीन लोग अस्पताल में भर्ती हो जाते हैं अभी कुछ समय ही वह बहुत खुश थे और नौजवान हैं अब आगे ऐसी घटना होगी किसे पता था यमराज के दूत काल प्रत्येक समय , हमारे ऊपर बेठे रहते हैं चाहे वह बच्चा हो चाहे वह युवा हो चाहे वह बूढ़ा हो चाहे व औरत हो चाहे मर्द हो जैसे ही वह जन्म लेता है उसी समय उसकी मृत्यु निश्चित हो जाती है पर कब मृत्यु होगी यह हमें पता नहीं होता है पर यमराज के काल हमारे ऊपर ही घूमते रहते हैं अब किस माध्यम से हमारी मृत्यु होगी हमें वह भी नहीं पता है फिर क्यों हम मोह माया के जाल में फंसे रहते हैं भले ही हमारे ग्रस्त जीवन में हैं हमारे बच्चे हैं लड़का हो लड़की हो पत्नी है घर है दौलत है दुकान है गाड़ी बंगला है सब कुछ है पर यह सब को हम अपने साथ ले नहीं जा सकते फिर क्यों हम उनके पीछे भागते हैं क्यों इतना मोह उनके पीछे लगा कर रखा है जिस वस्तु को हम ले नहीं जा सकते हैं उस वस्तु में इतनी मोहब्बत क्यों अगर मोह रखना है तो भगवान पर रखो और बाकी सभी लोगों से प्रेम करो

पर मोह मत रखो क्योंकि जो चीज साथ में जाएगी वह भक्ति सिमरन और तुम्हारे अच्छे कर्म जो किए होंगे वही साथ में जाएंगे तो इसलिए अच्छे कर्म करो सबसे प्रेम करो किसी को भी दुख मत पहुंचाओ चाहे वह इंसान हो चाहे वह जानवर हो इस अवसर पर सपना कलवानी चित्रा पंजवानी के द्वारा कई भक्ति भरे भजन व गीत गाए गए जिसे सुनकर उपस्थित भक्तजन भाव विभोर हो गए सत्संग के आखिर में आरती की गई विश्व कल्याण के लिए अरदास की गई पल्लो पाया गया प्रसाद वितरण किया गया आज के इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में साधु वासवानी केंद्र बिलासपुर के सभी सदस्यों का विशेष योग रहा