एक तरफ प्रयागराज में कुंभ मेला आरंभ हो चुका है और मकर संक्रांति से सेवा कार्य भी आरंभ हो चुके हैं दान पुण्य भी आरंभ हो चुका है हर कोई प्रयागराज नहीं जा सकता कुंभ में नहीं जा सकता गंगा में डुबकी नहीं लगा सकता है पर वह अपने आसपास नगर में मोहल्ले में पड़ोस में सेवा कार्य करके पुण्य कमा सकता है यथाशक्ति तथा भक्ति जितनी आपकी शक्ति है आप वैसी सेवा कर सकते हैं जरूरी नहीं कि आप धन की सेवा करें आप तन की भी सेवा कर सकते हैं भक्ति की भी सेवा कर सकते हैं नाम जपने की भी सेवा कर सकते हैं बस मन में प्रभु का नाम ले और भाव सच्चा होना चाहिए कोई भी सेवा छोटी बड़ी नहीं होती है सब सेवा एक समान है इसी बात को चरित्रात करते हुए साधु वासवानी सेंटर बिलासपुर इकाई के द्वारा 33 जरूरतमंद परिवारों को सुखा राशन वितरण किया गया विद्वआश्रम व रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर घर का बना हुआ शुद्ध भोजन दाल चावल सब्जी रोटी मीठा फल फ्रूट एवं कपड़े भी वितरण किए गए

संस्था की प्रमुख सपना कलवानी ने बताया कि संस्था के द्वारा प्रत्येक माह में सेवा कार्य किए जाते हैं जरूरत पड़ती है तो अन्य भी सेवा कार्य हो जाते हैं और यह मकर संक्रांति के बाद जो समय चल रहा है वह बहुत ही पुनीत समय है इसमें सेवा कार्य सभी को करने चाहिए और जब हम सेवा कार्य करते हैं जरूरतमंदों को जब भोजन कपड़े या अन्य सामान वितरण करते हैं तो उनकी खुशी देखकर ही हमारा मन प्रफुल्लित हो उठता है उनके चेहरे की मुस्कान देखकर ही हमें ऐसा लगता है कि हमने भी गंगा में डुबकी लगा ली और हमारा भी कुंभ हो गया दादा हमेशा एक बात कहते थे दिखावा मत करना और सबसे प्रेम करना ,
चाहे इंसान हो चाहे जानवर हो चाहे पेड़ पौधे हो पशु पक्षी हो और वृद्ध जनों व
दिव्यवांग जनों की सेवा जरूर करना उनकी सेवा का फल आपके साथ कुलों को तार देता है पर सच्चे मन से करना दिखाने की जरूरत नहीं है उन्हीं बातों को हम अमल करते हुए सेवा कार्य करते रहते हैं वह आज के इस पुनीत सेवा कार्यों में साधु वासवानी केंद्र के सभी सदस्यों का विशेष सहयोग रहा

