
प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय संस्था के मुख्य स्थापक ब्रह्मा बाबा कि स्मृति दिवस को “विश्व शांति दिवस” 18 जनवरी पर ब्रह्मकुमारी,ओम शांति सरोवर, उसलापुर में विशेष ब्रह्मा भोग एवं श्रद्धांजलि का कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 18 जनवरी प्रजापिता ब्रह्मा बाबा के संपूर्णता को प्राप्त करने का दिवस, उनकी पुण्य स्मृति दिवस, स्मृति सो समर्थी दिवस पर प्रजापिता ब्रह्मा कुमारीज, ओम शांति सरोवर , उसलापुर में ब्रह्मा बाबा की स्मृति में चार धाम – शांति स्तंभ, हिस्ट्री हाल, बाबा की कुटिया बाबा का कमरे की झांकी ब्रह्मा बाबा के मधुबन तपोभूमि की यादगार मे अव्यक्त स्मृतियां बनाई गई। उन स्थानों पर योग कर सभी ने अलौकिक अनुभव किया। आज शिव बाबा के भागीरथ ब्रह्मा बाबा की स्मृति में ब्रह्मकुमारीज uslapur प्रमुख ब्रह्माकुमारी छाया दीदी, ब्रह्माकुमारी कृष्णा बहन, गरिमा बहन, अनामिका बहन, खुशी बहन, हेमा बहन, दुर्गा बहन ओमी बहन, मधु बहन आदि एवं सभी उपस्थित ब्रह्मा कुमार कुमारी भाई बहनों ने स्नेहा संपन्न भावभीनी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की. और सभी ने बाबा की अनमोल शिक्षाओं को उनके गुण विशेषताओं को आत्मसात करने का सभी ने संकल्प लिया। छाया दीदी ने कहा की ब्रह्मा बाबा त्याग, तपस्या और सेवा की प्रतिमूर्ति, भगवान शिव बाबा के सच्चे परवाने थे उनका पूरा जीवन ही प्रेरणादाई था वे सदा एक शिव की याद की लगन में मगन रहे विश्व कल्याण का कार्य किया। और परमपिता परमात्मा शिव के संदेश को जन-जन को दिया। अनेक संघर्ष एवं विपरीत परिस्थितियों में भी परमात्म निश्चय बुद्धि, अचल अड़ोल रहे। माता बहनों को ज्ञान कलश दे कर उनका संगठन बनाकर उन्हें शिव शक्ति का दर्जा दिया, उनका मान सम्मान बढ़ाया। उन्हें ट्रस्टी बना कर अपना तन मन, धन, संबंध सब कुछ ईश्वरीय सेवा अर्थ अर्पित कर दिया। ऐसे भागीरथ बने जिसके ब्रह्मा मुख कमल द्वारा शिव परम पिता ने ज्ञान की गंगा बहाई जिससे अनेक आत्माओं का तन मन पावन हो गया और हो रहा है। उनकी अनमोल शिक्षाएं जीवन परिवर्तन करने वाली
है छाया दीदी ने उनकी मुख्य शिक्षाओं को बताया अंत में सभी भाई बहनों ने संकल्प लिया कि हम अपने मन, वचन, कर्म द्वारा पुण्य कर्म करते हुए व्यर्थ चिंतन, परचिंतन से मुक्त रहकर अपने जीवन को परमात्म श्रीमत के आधार पर श्रेष्ठ मार्ग पर चलेंगे। ब्रह्मा बाबा की तरह समर्पित भाव से शिव बाबा को याद करते हुए संपन्न, संपूर्ण पवित्र बनेंगे। तत्पश्चात ब्रह्मा भोग लगाया गया। और सभी ने आज मौन तपश्या करने का संकल्प लिया और 1महीने से विश्व में शांति के लिए योग भट्टी की गई ।
ईश्वरीय सेवा में
बी के छाया बहन
ब्रह्माकुमारी ओम शांति सरोवर
उसलापुर बिलासपुर