महाकुंभ में अमृत स्नान करने का सौभाग्य किसी भाग्यशाली व्यक्ति को मिलता है कहते हैं जिसे भगवान बुलाते है वही स्नान करने सौभाग्य प्राप्त करता है पर हमें तो अनोखा सौभाग्य प्राप्त हुआ क्योंकि सिंध प्रांत की लगभग 315 साल प्राचीन सभ्यता भारतीय सनातन संस्कृति का प्रतीक पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ के नवम पीठाधीश्वर पूज्य संत श्री डॉ .युधिष्ठिर लाल जी तथा गुरु मां दीपिका शदाणी के संग महाकुंभ में अमृत स्नान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ इतना ही नहीं संतो के साथ जाने से हमें भारत के परम योगी महामंडलेश्वर संत महापुरुषों समक्ष दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ इस प्रकार की प्रतिक्रिया अमरावती निवासी योगेश केशवानी दी तथा लगभग 500 यात्रियों के सग जिसमें सिंध प्रांत पाकिस्तान से भी 68 हिंदू तीर्थ यात्री भी शामिल थे