
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय रामाग्रीन सिटी में परमात्मा शिव के अवतरण दिवस महाशिवरात्रि पर्व बहुत धूमधाम से मनाया गया तथा उक्त कार्यक्रम में माउंट आबू राजस्थान से आए हुए राजयोगी गोपी भाई जी एवं रंजीत भाई जी भी उपस्थित रहे जिनके द्वारा परमात्मा शिव का ध्वजारोहण किया गया केक कटिंग भी किया गया एवं राजयोगी गोपी भाई जी ने बताया कि महाशिवरात्रि परमात्मा शिव का अवतरण दिवस है परमात्मा शिव हमारी अज्ञान रूपी रात्रि को दूर भगाकर हमारे जीवन को प्रकाशमय कर देते हैं जिससे हम सदा सुखी बन जाते हैं परमात्मा शिव को महाकाल भी कहते हैं जिनकी याद से कभी अकाल मृत्यु नहीं होती तथा राज योगिनी बीके राखी दीदी जी ने परमात्मा शिव के झंडे का रहस्य बताते हुए कहा की इस झंडे में लाल और पीला रंग तथा बीच में बिंदी है लाल रंग हमें शक्तियां प्रदान करता है तथा पीला रंग हमें सुख से भरपूर बना देता है और बीच में बिंदी का अर्थ है कि बीती हुई बातों को बिंदी लगानी है इसके साथ ही साथ राखी दीदी जी ने महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए कहा की एकमात्र शिवरात्रि तथा नवरात्रि वह पर्व है जिसमें रात्रि मनाते हैं बाकी सभी देवताओं की हम जयंती मनाते हैं परंतु परमात्मा शिव की हम रात्रि मनाते हैं इसका अर्थ यह है कि परमात्मा शिव हमें अज्ञान रूपी रात्रि अर्थात काम क्रोध लोभ मोह अहंकार इन पांच विकारों के वशीभूत होकर बहुत ही दुखी, अशांत है परमात्मा शिव आकर हमें इन पांच विकारों रूपी दुख की रात्रि से हमको मुक्त कर हमारे जीवन को सुखी से भरपूर कर प्रकाशमय करते हैं इसके साथ ही साथ बीके राखी दीदी जी ने परमात्मा शिव पर अर्पित करने वाले पदार्थ का अर्थ बताते हुए कहा कि
दूध – पवित्रता का प्रतीक है परमात्मा शिव दूध के समान हमारे जीवन को पवित्र बना देते हैं
दही – जीवन की खटास को समाप्त करना परमात्मा शिव हमारे जीवन की खटास को समाप्त कर देते हैं
बेलपत्र – ब्रह्मा विष्णु शंकर से भी उच्च परमात्मा शिव है
बेर फल – आपस में किसी से भी बैर नहीं रखना
अक धतूरा – अपने जीवन की विषैला विकारों को परमात्मा शिव पर अर्पित करना
बकरे की बली- मैं पन रूपी अहंकार की बली