विजय की कलम
चैत्र मास को आने वाला चेट्रीचंड्र महोत्सव देशभर में धूमधाम के साथ मनाया जाता है इसी कड़ी में बिलासपुर में भी विगत 51 सालों से चेट्रीचंड्र महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ धूमधाम के साथ मनाया जा रहा था पर विगत कुछ सालों से एक और नयी समिति बन गई हैं युवाओं की सेंट्रल युवा विंग और जो पुराने समिति है सिंधी युवक समिति उसके अगेन में इस सेन्ट्रल युवा का गठन किया गया कुछ बड़े पैसे वाले लोगों के एक कारण ऐसा हुआ उनका सोचा था कि हमारे बच्चों का भविष्य कैसे बने क्योंकि उसे समिति में सिंधी युवक समिति में उनका महत्व नहीं मिलने वाला था उनका सोचा था इसलिए उसने उसके अपोजिट में अन्य समिति बनाई अपने बच्चों को वहां फिट किया शुरुआत में झूलेलाल जी की शोभा यात्रा निकालने का उद्देश्य था की पुरानी समिति को झुकाना 2 फाड करना कुछ सालों तक चलता रहा पर जब देखा कि यह सिंधी युवक समिति अपने दम पर सक्षम है और हर वर्ष चेट्रीचंड्र पर झूलेलाल जी की के भव्य शोभायात्रा निकाल रही है इस पर कोई असर नहीं पड़ रहा है चंदा कम मिल रहा है फिर भी समिति अपने जेब से खर्च करके कार्यक्रम कर रहे हैं और इधर दुसरी सेंट्रल युवा विंग को चंदा ज्यादा मिलने लगा तो सेवा कम होने लगी और ध्यान चंदे के और बढ़ने लगा अब यह झूलेलाल जी की शोभा यात्रा सिर्फ शोभा यात्रा न रही बल्कि एक बिजनेस बन गया धंधा बन गया हैं बिलासपुर सिंधी समाज ने कहना हैं कि ये सेन्ट्रल युवा विंग दूसरी झूलेलाल जी की शोभायात्रा क्यों निकाल रही है यह गलत हो रहा हैं दो-दो समितियां को चंदा देना पड़ रहा है उन्होंने भी कोशिश की की भाई दोनों एक हो जाए एक साल तो ऐसा हुआ पर कुछ कारण वर्ष फिर से वही हाल होगा जो 2024 तक चलता रहा अब पुरानी सिंधी युवक समिति जो 51 वर्ष से शोभायात्रा निकल रही है उसका अब एक नया अध्यक्ष मिल गया और समझदार भी है होशियार भी है और युवा भी है उन्होंने भी अपना पहला उपदेश यही सामने रखा कि दोनों यात्राओं को एक किया जाए और एक समिति युवाओं की रहे जो युवाओं का और समाज का भला कर सके इसके लिए कई बार बैठकें हुई लेकिन जो दूसरी युवा विंग है वह बहुत चतुर और चालाक है उसके जो सदस्य हैं जो उसको चला रहे हैं पूज्य सेंट्रल पंचायत वाले वह जाकर बैठक कर रहे हैं और ऐसे ऐसे उन पर दबाव डालने की कोशिश की जा रही है और अपने वहकरने की कोशिश कर रहे हैं उनका वजन एक ही है किसी भी तरह इस सिंधी युवक समिति पर अपना कब्जा किया जाए कंट्रोल किया जाए और अपनी बातें बनवाई क्या है जब समझौता होता है तो दोनों तरफ बराबर होना चाहिए पर यहां पर ऐसा नहीं हो रहा है क्योंकि उनको शोभायात्रा एक नहीं निकालनी है बल्कि इसी सिंधी युवक समिति पर कब्जा करके अपने संतानों को बैठना है जैसा कि अभी तक जो बैठक हुई हैं और हमें सूत्रों से जानकारी मिल रही है उसका तो रिजल्ट यही निकलता है आखरी में ताकि समाज को लोगों को यही बताएंगे कि हम तो भाई सुलह करने गए थे एक होने गए थे उन्हीं लोग नहीं माने तो हम क्या करें इसमें गलती उनकी है पूरा ठीकरा उनके ऊपर फोड़ देंगे और खुद शरीफ बनकर बाहर निकल जाएंगे? पर उनका इस बार ऐसा होगा नहीं ओके काट के हांडी बार-बार नहीं चढ़ती पिछली बार ऐसा लोग कर चुके हैं सारे मुखियाओं को भेज कर लेकिन पावर नहीं दिया इस बार भी वैसे ही हो रहा है सेंट्रल का मुखिया आ रहा है बैठकर कर रहा है और पावर नहीं है सुनने में आ रहा है कहता है कि मैं अपने आका से पूछ कर बताऊंगा?
जब अपनी शर्ते आप सामने रखते हो कि वह टीम मान जाए तो उनकी शर्तें भी आपको माननी चाहिए जो कि समाज हित की चढ़ते हैं और आपके जो चढ़ते हैं वह अपने हित की चढ़ते हैं जहां पर अपना हित होता है वहां पर कभी भी समझौता हो ही नहीं सकता है अगर सच्चे मन से और दिल से समाज हितकर अगर आप सोचते तो यह नोबडी नहीं आती 5 मिनट का काम है शोभा यात्रा को एक करने का बस जरूरत है अपने अहंकार को खत्म करो अपने हित को खत्म करो और समाज के हित को सर्वोपरि मानो पर ऐसा यह करेंगे नहीं सेंट्रल वाले क्योंकि उनकी दाल रोटी तो इसी से चल रही है इनका धंधा तो इसी से चल रहा है उनकी संतानों का जो सुख है वह इसी से मिल रहा है और अब यह एक समिति नहीं बल्कि एक बिजनेस बन चुका है एक ब्रांड बन चुका है सिंधी केंद्रीय युवा बैंक इस ब्रांड का नाम है और नोट छापने की मशीन है और जिसका फायदा सिर्फ एक तानाशाह उठना है किसी भी गरीब को या समाज के अन्य वर्गों को उसका फायदा नहीं होता है अपने हित के लिए ही इसका गठन किया गया था और इसका सदुपयोग किया जा रहा है समाज को मूर्ख बनाया जा रहा है लोगों को दिखाने के लिए सिर्फ बैठक की जा रही हैं असल में वह खुद नहीं चाहते हैं ऐसा कुछ भी हो क्योंकि हमारा सेंट्रल का अध्यक्ष देश के एक कर के पूर्व प्रधानमंत्री की तरह है जिसकी दूर तानाशाह के हाथ में है जैसा वह ना चाहता है वह नाचते हैं और साथ में एक चांडाल चौकड़ी है जो पूरे खेल को अंजाम दे रही है ऐसे लोग कभी समाज का भला कर पाएंगे? अब जागना होगा व्यापारी वर्ग को जागना होगा एक होना होगा और इन समाज विरोधी लोगों से जो तानाशाही बन का उपयोग कर रहे हैं झूठ चापलूसी धोखेबाजी का कार्य कर रहे हैं ऐसे लोगों को सबक सिखाना होगा अगर इनको सच्चा प्रेम है भगवान झूलेलाल से तो अपने दम पर शोभायात्रा निकल कर दिखाएं बगैर चंदा लिए? पर यह ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि चंदा तो इनका धंधा बन चुका है और अपन धंधे में ताला नहीं लगाएंगे अब ताला आपको लगाना है आपको सोचना है कि आखिर कब तक उनकी कठपुतली बनकर रहेंगे कब तक उनके गुलाम बन कर रहेंगे कब तक इनके धोखेबाज और विश्वास घाट के शिकार होते रहेंगे समय की पुकार यही है अबकी बार नहीं खाएंगे धोखा अबकी बार नहीं बनेंगे विश्वास घाट के शिकार और जो पुरानी सिंधी युवक समिति है इसके नए युवा अध्यक्ष है उसी को समर्थन दीजिए और उसी के साथ रहकर भव्य सुंदर शोभा यात्रा निकालकर शामिल होकर भव्य रूप से चेट्रीचंड्र महोत्सव मनाये, बाकी आप सभी समझदार हैं
(संपादकीय)