दुर्गा माता मंदिर मढ़ी ,लिली चौक रायपुर के महंत सतगुरु अनंत पुरी गोस्वामी जी के द्वारा एक मुहीम, चलाई गई है, सिंधी समाज की कुलदेवी हिंगलाज माता का,छाया चित्र हर सिंधी समाज की दुकान व घर में होना चाहिए जिससे समाज के लोगों को अपनी कुलदेवी के बारे में पता चल सके आने वाली पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति व अपनी कुलदेवी अपने इष्टदेव अपने आराध्य के बारे में पता चलना चाहिए इसके लिए वह निशुल्क हिंगलाज माता का छाया चित्र वितरण कर रहे हैं पूरे भारत देश में कहीं पर भी कोई भी सिंधी समाज का व्यक्ति संस्था या पंचायत मंगा कर अपने क्षेत्र में वितरण कर सकते हैं

इसी कड़ी में हमर संगवारी के प्रधान संपादक विजय दुसेजा,ने गुरुजी से अग्रह किया कि बिलासपुर में भी सिंधी समाज की कुलदेवी का छायाचित्र वितरण करना है उसके लिए हमें 1000 छाया चित्र चाहिए गुरुजी ने कहा जितना आपको चाहिए उतना हम देंगे पर जो श्रद्धा से रखे वह पूजा अर्चना करें उन्हें ही फोटो प्रदान करें चाहे वह समाज का व्यक्ति हो चाहे वह अन्य समाज का हो अगर वह भी रखना चाहता है तो उन्हें भी जरूर दें और उसके बाद पहली खेप में 510 फोटो बिलासपुर में पहुंचे जिसे हमर संगवारी परिवार के सदस्य विगत दो दिनों से वितरण कर रहे हैं

शुरुआत भक्त कवंर राम कपड़ा मार्केट से की गई क्योंकि सिंधी समाज के हमारे सबसे बड़े, सिंध के सरताज,संत भक्त कंवर राम थे इसलिए शुरुआत, उनके नाम से बना कपड़ा मार्केट से की गई उसके बाद गोल बाजार और शंनिचरी बाजार किराना मार्केट में वितरण किए गए नरेश बाजार, वृंदावन कंपलेक्स में भी वितरण किया गया जब एक-एक दुकान में पहुंचकर उन्हें सब जानकारी दे रहे थे तो कई लोग आश्चर्य में पड़ गए कि उन्हें पता ही नहीं था कि हमारी कुलदेवी कौन है पर जब उन्हें बताया गया तो उन्हें बहुत खुशी हुई, वह कई लोगों ने धन्यवाद भी किया कि हमें इस नवरात्रि के अवसर पर माता का छायाचित्र मिल रहा है और अपनी कुलदेवी का मिल रहा है इससे बड़ी और खुशी की बात और क्या हो सकती है आज तक हमें ऐसा किसने बताया भी नहीं और किसने दिया भी नहीं हिंगलाज माता का छाया चित्र, अन्य समाज के लोगों ने देखा तो उन्होंने भी मांगा कि हम भी अपने दुकान घर में लगाएंगे पूजा अर्चना करेंगे हमे भी दिजिए,

प्रथम बार पूरे भारत देश में हिंगलाज माता का छायाचित्र वितरण किया जा रहा है बिलासपुर में सभी व्यापारियों व समाज के लोगों ने बहुत बहुत खुशी व्यक्त की वह गुरु जी महंत अनंत पूरी गोस्वामी जी का धन्यवाद किया कि उनके द्वारा यह जो मुहिम चलाई गई है ताकि समाज में जागरूकता आए वह अपने कुलदेवी के बारे में पता चले बहुत ही अच्छी और साहरनीय पहल है, ओर हमर संगवारी परिवार को भी धन्यवाद, किया कि आपके प्रयासों से यह कार्य हो रहा है
बिलासपुर में यह सेवा का कार्य कर रहे है और किसी ने भी आज तक कभी सोचा नहीं ओर ना कभी बताया, हमर संगवारी ,हमेशा जनहित की बात करता है जनहित के लिए कार्य करता है और अपनी बोली भाषा संस्कृति को बढ़ाने के लिए हमेशा सेवा कार्य में आगे रहता है तत्पर रहता है कुछ लोगों ने कहा कि भाई जो भी किमत हो हमसे पैसे ले लीजिए पर विजय दुसेजा ने कहा कि यह छायाचित्र गुरुजी की तरफ से निशुल्क दिया जा रहा है हम इसके पैसे नहीं लेंगे आपको अगर और फोटो चाहिए अपने घर में दुकान में या मित्र को देने के लिए आप ले सकते हैं उसके भी हम पैसे नहीं लेंगे , निशुल्क आपको देंगे , बस हमारी विनती एक ही है की पूजा अर्चना होनी चाहिए वह अपने परिवार वाले लोगों को भी जरूर बताएं ,अपनी कुलदेवी हिंगलाज माता के बारे में एक वाक्य शनीचरी बाजार में हुआ दोपहर को हमने एक दुकान पर फोटो हिंगलाज माता का दिया और रात्रि को मैं उस,दुकान में सामान खरीदने पहुंचा तो अन्य ग्राहक भी खड़े थे

जिसमें एक महिला थी जो अन्य समाज की थी जब उसने सामने दुकान में लगा हुआ हिंगलाज माता का फोटो देखा तो उसने तुरंत का यह हिंगलाज माता का छायाचित्र है अपको कहां से मिला है मुझे भी चाहिए मैं भी पूजा अर्चना करूंगी तो उस दुकानदार राजू भाई ने कहा अगर आपको चाहिए तो आप ले लीजिए उसने तुरंत अपना फोटो निकाल कर उस महिला को दिया वह महिला बहुत खुश हुई ,अभी तक वह चित्र मोबाइल में देखी थी लेकिन आज पहली बार हाथ में उन्हें छायाचित्र मिला है ,हमने तुरंत दूसरा फोटो निकाला और छायाचित्र राजू भाई को दिया हमने कहा कि आप अपनी दुकान में रखिए कई लोगों ने जानकारी लेनी चाहिए कि यह हिंगलाज माता का मंदिर कहां है भारत में हमने कहा भारत में नहीं है पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में पहाड़ियों में स्थित है तो कई लोगों ने मोबाइल में सर्च किया देखा भी और कहा कि आपने बिल्कुल सही कहा है,कुछ लोगों ने कहा हमे जानकारी नहीं थी आपके माध्यम से हमें जानकारी मिली वह अपनी कुलदेवी का फोटो मिला ,इस पूरी सेवा कार्य में हमर संगवारी परिवार के सभी सदस्यों का विशेष सहयोग रहा है, आज की सेवा कार्य में इनका सहयोग रहा,
विजय दुसेजा, गोविंद दुसेजा, केलाश मलघानी,विजय गंगवानी, जगदिश जगज्ञासी, मनीष भाई,रामू भाई, कालू भाई का विशेष सहयोग रहा
