बिलासपुर :- सत्ता लोलुपता में रातों रात उखाड़ कर अपनी मातृ भूमि से विलग की विश्व की सबसे पुरानी और सबसे विकसित सिंधी सभ्यता के वारिसान की तीसरी पीढ़ी अभी भी अपने पूर्वजों से मिले रीति रिवाज व संस्कृति संस्कार को बचाए रखने और चौथी पीढ़ी को ट्रांसफर करने का निरंतर प्रयास कर रही है ~
इन्हीं सनातन सिंधी संस्कारों में से एक है मुंडन संस्कार ~ इस संस्कार को संपन्न करने का सबका अलग अलग प्रोटोकॉल है जैसे हमारे परिवार में बच्चा जिस दिन चलने लगेगा उसके बाद के प्रथम सोमवार को मुंडन संस्कार सम्पन्न होता है `~ जबकि हमारे ही शहर बिलासपुर (छ ग ) के अत्यंत वैभव शाली परिवार की परम्परा है कि जब बच्चा *ढोढो* (चावल के आटे से बनी रोटी) उच्चारित कर लेगा तब उसका *मुंडन* होगा ~ कितने दिलचस्प है न ~ हमारे यहां के ये रीति रिवाज परम्पराए ~ आपके यहां कैसे संपन्न होता है यह सब~ ? बताइएगा मजा आएगा सुनकर ~ जय झूले लाल।