
बिलासपुर उस्लापुर :
प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी, ओम शांति सरोवर, उस्लापुर के तत्वाधान मे दस दिवसीय “बाल व्यक्तित्व विकास शिविर” का उदघाटन मुख्य अतिथि माननीय भ्राता रवि मेहर जी (भाजपा मंडल अध्यक्ष), माननीय भ्राता पर्मेश्वर् सिंह ठाकुर जी (SDRF, ट्रेनर), माननीया राजकुमारी बिरगो जी (सीनियर टीचर, गवर्मेंट स्कूल), माननीय भ्राता विजय साहू जी (गवर्मेंट लैब टीचर), आदरणीया बी के छाया दीदी जी (सेवाकेन्द्र मुख्य संचालिका, ब्रह्माकुमारीज उस्लापुर) आदि के द्वारा दीप प्रज्ज्वल करके किया गया।
माननीय भ्राता रवि मेहर जी ने बच्चों को आशीर्वचन कहा कि शिविर मे जो मोरल वैल्यूज़ आपको सिखाया जायेगा वो आपके जीवन के हर क्षेत्र मे आपको सफलता प्राप्त करायेगा। आपके जीवन को सही दिशा देगा। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज के द्वारा किये गए इस कार्यक्रम की सराहना की।
बी के छाया दीदी जी ने अपने उद्बोधन मे बच्चों को समझाते हुये कहा कि बच्चे तो नैचुरल सुंदर होते है, बच्चों कोआर्टिफिशियल मेकप की जरूरत नहीं होती है इससे स्कीन जल्दी खराब होती है इसलिए बच्चों को मेकप नही करना चाहिए और उन्होंने बताया कि नाश्ते में हमें कुरकुरे, चिप्स ना खाकर फ्रूट्स या हेल्दीफूड लेना चाहिए। दीदी जी ने बच्चों को एकाग्रता बढ़ाने के लिए साकारातमक सोचने की विधि सिखायी एवं सहज सरल शब्दों में आत्मा के ज्ञान का स्पष्टिकरण भी दिया। ततपश्चात मेडिटेशन द्वारा आत्म अनुभूति कराई।
बी के विनोद भाई ने बच्चों को अनुशासन के विषय पर बताया कि अनुशासन- सफलता की सीढ़ी है। अनुशासन का अर्थ है, उन नियमों व मर्यदायों के अनुसार स्वयं को चलाना जो सभी के लिए आवश्यक है. उन्होंने बताया कि एक नदी जब किनारों से बंध कर चलती है तो जल देकर सब को सुख पहुँचाती है लेकिन जब यही नदी किनारों को तोड़ देती है तो बाढ़ ले आती है। उन्होंने अनुशासन का लाभ बताया- 1. अनुशासन से हमारी दिनचर्या सहज हो जाती है. 2. हमें खुशी मिलती है. 3. हमारी उन्नति होती है. 4. हमारा व्यवहार सुधर जाता है. 5. धन और समय बचता है. 6. आलस समाप्त होता है आदि।

बी के गरिमा बहन ने बच्चों को धैर्यता के विषय मे बताया की धैर्यता माना किसी कार्य के परिणाम के लिए जल्दबाजी ना करें शांति पूर्वक इंतजार करें। जीवन में कुछ भी प्राप्त करने के लिए, लक्ष्य तक पहुँचने के लिए धैर्यता आवश्यक है। उन्होंने धैर्यता के बहुत से फायदे बताये – 1. धैर्यता से सहन शक्ति आती है, 2. कार्य में सफलता मिलती है, 3. समय बचता है, 4. संबंध मधुर होते है, 5. तनाव से मुक्त होते है, 6. धीरज का देर से ही सही लेकिन मिठा होता है, 7. बड़े हम पर विश्वास करते है आदि।
शिविर में बी के खुशी बहन के द्वारा सरस्वती वंदना हे शारदे मां…, गायत्री मंत्र एवं ओम ध्वनि बच्चों को कराया गया। बी के गरिमा बहन द्वारा बच्चों को एरोबिक एक्सरसाइज एवं बी के अनामिका बहन द्वारा योगा, प्राणायाम- सूक्ष्म आसन, अनुलोम -विलोम, कपाल भारती, ब्राह्मरी प्राणायाम आदि सिखाया गया। साथ ही गेम – खो- खो, बलून गेम एवं क्रिएटिव मेडिटेशन भी कराया गया।

