समझदार वह है जो मन वाणी और कर्म तीनो सेवा एकसाथ करते है: बीके प्रीति
बिलासपुरः शिव अनुराग भवन राजकिशोरनगर में पाजिटिव थिंकिंग की क्लास चल रही है। बीके प्रीति ने कहा कि वाणी से ज्ञान सुनाना, श्रेष्ठ कर्म से दूसरों को प्रेरणा देना और मन मे सदा सर्व के लिये शुभभावना रखना सेवा के प्रकार है। अकसर हम एक समय मे एक ही प्रकार की सेवा करते है। समझो वाणी से ज्ञान अच्छा दे रहे है पर कर्म मे क्रोध भी कर ले है तो यह सिर्फ वाणी की सेवा हुई। इससे दूसरों पर सेवा का प्रभाव कम पडेगा। किन्तु समझदार वही है जो वाणी से जिस आचरण को धारण करने की सलाह दुसरो को दे रहे है वह आचरण उसके खुद के कर्म से झलके साथ ही मन मे सदा सर्व के लिये शुभभावना समाया हो तो कम शब्दों का प्रभाव तीखा होता है। ऐसे आचरण वाले महापुरुषों के बोल महावाक्य बन जाते है।

आगे कहा कि हमारे अंदर के विकार कांटे के जैसे स्वयं को और दूसरों को दुख पहुंचाते है। परमात्मा हमे कांटे से फूल बनाने आये है इसलिए विकारों का त्याग कर दैवीय गुणों को धारण करने का पुरुषार्थ करना है।