संकल्प मात्र भी अपवित्रता श्रेष्ठ बनने नही देती: बीके मंजू
बिलासपुरः प्रभु दर्शन भवन टिकरापारा मे पाजिटिव थिंकिंग की क्लास चल रही है। बीके मंजू ने कहा कि पवित्रता की धारणा परमात्मा का सबसे बड़ा वरदान है। अथाह सुखशांति की दुनिया मे जाने के लिये इस जन्म मे पवित्रता की धारणा आवश्यक है। संपूर्ण पवित्रता अर्थात संकल्प मात्र भी अपवित्रता न हो। थोड़ा भी अपवित्रता श्रेष्ठ बनने नही देती। होली जलाना मतलब योग अग्नि से अपने अंदर की अपवित्रता को जलाना। होली मनाना अर्थात पवित्र दुनिया मे जाने का जश्न मनाना। ऐसे योगबल से पवित्र बनने का यादगार होली पर्व को श्रद्धापूर्वक मनाना चाहिए।
आगे कहा कि सदा दुआयें दो और दुआयें लो। बददुआ लेना अर्थात् अपने को भी दुख और अशांति का अनुभव कराना। प्रश्न उठता है कि अगर कोई बददुआ दे ऐसे मे क्या करे? परमात्मा कहते है बददुआ को मन मे मत समाओ। बदले मे दस गुना दुआयें दो।

मंजू दीदी ने कहा कि आजकल दुख अशांति का वातावरण तेजी से बढ़ता जा रहा है। ऐसे मे शांति का अनुभव कराना सबसे बड़ी सेवा है। अनुभूति अमर होती है। सिर्फ़ वाणी थोड़े समय अच्छी लगती है, सदा याद नही रहती, इसलिए अनुभव की अथाॅरिटी बनकर अनुभव कराओ।