विजय की ✒कलम
जब से छत्तीसगढ़ में चुनाव हुआ है और भाजपा ने पूर्ण बहुमत प्राप्त किया है तब से सभी कार्यकर्ताओं को एक ही आस थी की अब 5 साल का वनवास कट गया है अब उन्हें जो मेहनत की है उसके रूप में कोई न कोई संगठन में या सरकार में बडा़ पद मिलेगा जिसमें कई पुराने कार्यकर्ता भी थे और जो विधायक बन चुके हैं वह भी लाइन में लगे हैं और जो विधायक या सांसद टिकट पाना चाहते थे नहीं मिली वह भी लगे हुए हैं और जो चुनाव हार गए हैं वह भी लगे हैं 1 साल बीत गया विधानसभा चुनाव हो चुका, लोकसभा चुनाव भी गया , नगरी निकाय चुनाव हो गया, ग्राम पंचायत चुनाव हो गया अब बारी थी निगम, मंडल अध्यक्षो के पद को भरने के लिए और कुछ समय पूर्व लगभग सभी पदों को समायोजित कर दिया गया पर छत्तीसगढ़ सिंधी साहित्य अकादमी का पद छोड़ दिया गया क्यों ?
जब सभी मंडल व निगम अध्यक्षों की घोषणा की गई तो छत्तीसगढ़ सिंधी साहित्य अकादमी को क्यों छोड़ा गया ? उसकी भी घोषणा की जाती उसमें भी पार्टी अपने कार्यकर्ता को अध्यक्ष बनाती इतना लंबा इंतजार किस लिए ?
दो वर्ष खत्म होने को आए हैं कहीं ऐसा तो नहीं कि भाजपा भी कांग्रेस की राह पर चल पड़ी है ? और 2 साल और काटने के बाद जब चुनाव का समय आएगा तब 10 महीना पूर्व पद भर दिया जाएगा दिखाने के लिए और समाज को खुश करने के लिए ?
क्या घमासान चल रहा है अब मंत्रिमंडल की बारी आ गई दो मंत्री पद खाली पड़े हैं और अभी से ही सियासत चालू हो चुकी है राजनीतिक चालू हो चुकी है कि इन दो पदों में कौन विधायक मंत्री बनेगा ? और क्या कुछ मंत्रियों की छुट्टी होगी क्या ?
यह आस लगा कर बैठे हैं विधायक जैसे ही कोई पद खाली हो हमें मंत्री बना दिया जाए? जिन्हें कुछ नहीं मिला है ?
मंत्री मंडल गठन के बाद संसदीय सचिव की बारी आएगी उसमें भी जोर लगाएंगे और इसे हासिल करने की कोशिश करेंगे? पर इन सब के झमेले में छत्तीसगढ़ सिंधी साहित्य अकादमी का पद घुन की तरह गेहूं में पीस न जाए?
आखिर इतना विलंब क्यों किया जा रहा है जबकि पार्टी के सामने नाम आ चुके हैं? पार्टी भी जानती है कि किसे हमें पद देना है? जिन्होंने मेहनत की है और जो इसके योग्य है और यह पद रायपुर को मिलेगा यह भी तय है?
पूरे छत्तीसगढ़ सिंधी समाज के लोग एक मत पर हैं कि पद किसी भी शहर के व्यक्ति को दिया जाए हमें कोई आपत्ति नहीं है बस हमारी एक ही शर्त है कि जल्द से जल्द इस पद को भरा जाए, समाज के किसी भी सम्माननीय , विद्वान व्यक्ति को इस पद में बैठाया जाए, छत्तीसगढ़ सिंधी साहित्य अकादमी का अध्यक्ष बनाया जाए ताकि समाज की गतिविधियां है सांस्कृतिक कार्यक्रम ओर बहुत सारे ऐसे आयोजन है वह हो सके और समाज में एक नई ऊर्जा आ सके और जिस तरह भारतीय जनता पार्टी काम कर रही है उसका भी प्रचार प्रसार होगा और उसका वोट बैंक भी मजबूत होगा, इसलिए मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि जल्द से जल्द छत्तीसगढ़ सिंधी साहित्य अकादमी का पद भरा जाए और जो भी उनके सदस्य हो उनको शामिल किया जाए व पूरे छत्तीसगढ़ से लिए जाएं ताकि पूरा प्रतिनिधि और एक मजबूत संगठन की तरह अकादमी कार्य कर सके एंव जिन सदस्यों को लिया जाए वह अलग-अलग फील्ड से हो जैसे साहित्य में ,पत्रकारिता में, कविताओं जनरल नॉलेज में लेखिका में हर क्षेत्र के व्यक्ति व महिलाओं को लिया जाए तो बहुत ही सराहनीय एक अच्छा प्रयास होगा,
वैसे भी साय सरकार साय साय फैसले लेने में माहिर है पर इस बात पर फैसला साय साय क्यों नहीं ले रही है साय सरकार ?
छत्तीसगढ़ सिंधी साहित्य अकादमी के लिए जो सबसे उपयुक्त नाम लोगों की जूबान पर है और सभी बताते भी हैं और सही में वह व्यक्ति इस पद के लायक भी है हम चाहेगे कि उसे ही यह पद दिया जाए, पार्टी भी उस नाम पर सहमत हो जाएगी और वह जो नाम है •••••?
अभी आप लोग भी इंतजार कीजिए मुझे तो पता है लेकिन अभी उस नाम की घोषणा करके हम कोई भी वाद विवाद नहीं चाहते हैं इसलिए जल्द से जल्द सरकार खुद अध्यक्ष के नाम कि घोषणा करें,
जब अध्यक्ष बन जाए ताकि समाज का कार्य व संस्कृति भाषा आगे बढ़ सके और मजबूत हो सके हम सब एक हैं और चाहते हैं कि जल्द से जल्द इस पद को भरा जाए हमें आशा और विश्वास भी है कि बहुत जल्द मुख्यमंत्री इस और ध्यान देंगे मंत्रिमंडल के दो पद खाली है उसको भरने से पहले सिंधी समाज को यह तोहफा साय सरकार देंगी
छत्तीसगढ़ सिंधी साहित्य अकादमी का अध्यक्ष पद भरकर
(जय जोहार ,जय छत्तीसगढ़ 👩मांयी )
संपादकीय