|लक्ष्य पर लगाए ध्यान|
||बाल संस्कार शिविर में स्वामी विवेकानंद के जीवन से बच्चों को दी गई सीख||
|||ब्रह्माकुमारीज टिकरापारा के हार्मनी हाल में संवारी जा रही है कल के भविष्य की तस्वीर|||
||||बच्चों के लिए शारीरिक एवं बौद्धिक खेल का भी है समावेश||||
बिलासपुर टिकरापारा :- विख्यात गुरु स्वामी विवेकानंद ने देश और दुनियाँ को इतनें शानदार विचार दिए हैं कि किसी एक को भी हम अपने जीवन में आत्मसात कर ले तो शायद हमारी जिंदगी बदल जाए स्वामी विवेकानंद के जीवन के दृष्टातों से बच्चों को दया ही धर्म का मूल है बताया गया।

इस विषय पर कहानी के माध्यम से बीके ममता दीदी के द्वारा बच्चों को समझाया गया कि रसोईघर मे माँ ने जब अपने बालक से चाकू मंगाया तो उसने चाकू की फलक अपनी ओर और ठूंठ मां की ओर किया तो माँ उसके इस कर्म से समझ गयी यह आगे चलकर बहुत दयावान बनेगा वही बच्चा आगे चलकर स्वामी विवेकानंद के नाम से प्रख्यात हुआ।
सीखने वाली सबसे बड़ी बात है, हम इंसानों में इंसानियत का होना।
दूसरी बात अपने लक्ष्य पर ध्यान लगाइए। उठो ,जागो तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो और कभी हार मत मानो। हार से सीख कर आगे बढ़ो। सफलता एक दिन में नहीं मिलती जो हर दिन काम करता है वही जीतता है उनके जीवन में निरंतर मेहनत, धैर्य का गुण अनिवार्य रूपेण होता है।
छत्तीसगढ़ योग आयोग से मास्टर ट्रेनर ब्राह्मकुमारी गौरी बहन ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पूर्व योगाभ्यास क्रम बच्चों को सिखाया एवं उत्साह वर्धन करने बच्चों को मंच पर बुलाकर बुद्धि लगाने वाले खेल कराये जिसमे सभी बच्चों ने उत्सुकता दिखाई। अंत में सभी को प्रसाद वितरण किया गया एवं छोटे बच्चों को अभिभावक के संरक्षण में विदा किया गया।

21 दिवसीय योग शिविर पूर्णता की ओर….
शिव अनुराग भवन राज किशोर नगर में चल रहे 21 दिवसीय योग शिविर में प्रशिक्षित होते हुए साधक पूर्णता की ओर पहुंच गए। सभी योग अभ्यास सही तरीके से करना सीख गए। इसके लिए प्रतिदिन मास्टर योग प्रशिक्षिका ब्रह्माकुमारी गायत्री बहन के योग संचालन में मास्टर ट्रेनर अमर भाई व कविता बहन का सहयोग रहा।