संकल्पों में शांति से ही विश्व में शांति आ सकती है: बीके मंजू
बिलासपुरः शिव अनुराग भवन राज किशोर नगर में पॉजिटिव थिंकिंग की क्लास चल रही है।बीके मंजू ने कहा कि वर्तमान में संकल्पों में अशांति ही पूरे विश्व को अशांति और हिंसा में झोंक दिया है। भले ही यह समझे कि शस्त्र संपन्न होने से ही बाहरी आक्रमण को रोका जा सकता है, पर वर्तमान परिवेश में यह संभव दिखाई नहीं दे रहा है। कहते हैं ब्रह्मा ने संकल्प से सृष्टि रची। इसका आध्यात्मिक अर्थ है कि परमात्मा संकल्पों को श्रेष्ठ और संपन्न बनाकर सुख शांति की दुनिया स्थापित कर रहे है जो कि मनुष्यों के वश की बात नही है। देह अभिमान मे रहकर निष्काम सेवा कोई भी मनुष्य नही कर सकता।
आगे कहा कि व्यर्थ संकल्पों को विराम देने का एक ही विधि है हम स्वयं को आत्मा समझे। स्वयं को आत्मा समझने से आत्मा के मूल गुण पवित्रता, प्रेम, शांति, सुख, आनंद इत्यादि की अनुभूति होने लगेगी और बाहरी परिस्थिति प्रभावित नहीं कर पायेगी। अर्थात बिना किसी बाहरी आधार के हम सदा खुशी में रह सकते है।
संस्थान की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती जी का 60वां पुण्यस्मृति दिवस 24 जून को पूरे विश्वभर के सेवाकेंद्रों में आध्यात्मिक ज्ञान दिवस के रूप मनाया जायेगा।
टिकरापारा सेवाकेंद्र के हार्मनी हॉल में सुबह 6:30 बजे मातेश्वरी जी के निमित्त भोग लगाया जायेगा।