बड़े-बड़े डॉक्टरों से यह अक्सर सुनने को मिला कि जो व्यक्ति सदैव हँसता है, उसका हृदय मजबूत रहता है और उसे हार्ट अटैक जैसी समस्या नहीं होती। मगर यह नीति भी कभी-कभी भ्रमित कर जाती है।
क्योंकि जीवन में कोई भी चीज शाश्वत नहीं होती, और कभी भी कुछ भी संभव हो सकता है।
कुछ समय पहले यह दुखद समाचार मिला कि हास्य के माध्यम से लाखों लोगों को प्रेरणा देने वाले,
पद्मश्री से सम्मानित श्री सुरेंद्र दुबे जी अब हमारे बीच नहीं रहे।
जो व्यक्ति हँसी को जीवन का वरदान मानते थे, जो खुद ग़म छिपाकर दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाते थे,
आज वही व्यक्ति एक हृदयाघात से इस नश्वर संसार से विदा हो गए।
यह क्षण हमें यही सिखाता है कि जीवन क्षणभंगुर है – किस पल क्या हो जाए, कोई नहीं जानता।
इसलिए जब तक जीवन है, उसे पूरे प्रेम, मुस्कान और सद्भावना के साथ जीना चाहिए।
हम उन्हें अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं –
उस महान आत्मा को, जिन्होंने शब्दों से दिलों को जीता और हास्य से जन-जन को जोड़ा।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे।
llॐ शांति।l