गुजरात :- यह घटना गुजरात हाईकोर्ट में जस्टिस निरजस एस. देसाई की बेंच के सामने हुई। एक व्यक्ति, जिसका नाम ज़ूम मीटिंग में “समद बैटरी” के रूप में दिखा, वर्चुअल सुनवाई में टॉयलेट सीट पर बैठकर शामिल हुआ। वीडियो में वह फोन को दूर रखते हुए दिखाई देता है, जिससे पता चलता है कि वह शौचालय में है, और बाद में खुद को साफ करते हुए बाहर निकलता है। यह मामला चेक बाउंस से संबंधित था, जिसमें वह याचिकाकर्ता था और एक FIR को रद्द करने की याचिका में प्रतिवादी के रूप में शामिल था। दोनों पक्षों के बीच समझौते के बाद FIR रद्द कर दी गई। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे वर्चुअल सुनवाई में शिष्टाचार और कोर्ट की गरिमा को लेकर बहस छिड़ गई।
