हर वर्ष 1 जुलाई को चिकित्सक दिवस के रूप में मनाया जाता है| चिकित्सक भगवान का दूसरा रूप है और मरीजों के लिए जीवन दाता अर्थात माँ के समान है क्योंकि उनके द्वारा ही दूसरा जन्म प्राप्त होता है चिकित्सक ही है जिनके ऊपर मरिज आंख बंद कर अपना सब कुछ सौंप देता है मरीज और चिकित्सक का संबंध एक विश्वास के ऊपर टिका होता है चिकित्सक मरीज के दर्द को भली भांति महसूस कर उन्हें कठिन से कठिन बीमारियों से लड़ने के लिए साहस देते हैं |
उक्त बातें टिकरापारा सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी समीक्षा बहन ने कहीं | आगे अपने सभी डॉक्टर्स को शुभकामनाएं देते हुए उनके कार्य की सराहना करते हुए डॉक्टर्स को राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से परमात्मा से जुड़ने और अपने मरीजों की बेहतर सेवा करने के लिए प्रेरित किये | इस कार्यक्रम में शहर के डॉक्टर्स वरिष्ठ नागरीकगण उपस्थित हुए |