।। मुंशी प्रेमचंद।।
कहानी में जिनकी आवाज़ बुलंद
हिंदी साहित्य सृजेता मुंशी प्रेमचंद।।१ गबन कर्मभूमि गोदान कफ़न, रंगभूमि निर्मला मंत्र सेवा सदन। रचनाएं उनकी जो बन गई ,
हिंदी साहित्य की अनमोल रतन।।२
हिंदी साहित्य के महान कथाकार,
साहित्य में अमर हैं मुंशी प्रेमचंद।
उनकी कलम सदैव दिखाती रही,
हिन्दी साहित्य में समाज का दर्पण।।३ ख्वाहिश नहीं रहीं कभी उनको, साहित्य में मशहूर होने की। हिंदी साहित्य में कहा जाता है,
कलम का जादूगर मुंशी प्रेमचंद।।४
ईदगाह, बूढ़ी काकी, मानसरोवर,
हिंदी साहित्य में उनके अमिट अक्षर।
दर्द लिखते रहें सदैव जनमानस का,
हिंदी के सशक्त हस्ताक्षर मुंशी प्रेमचंद।।५
चमकते सूर्य साहित्य के मुंशी प्रेमचंद,
सरस्वती का वरदहस्त वरदान।
कालजयी आत्मा हिंदी साहित्य की।साहित्य के धनपतराय मुंशी प्रेमचंद ।।६
डॉ.विजय पाटिल
शिक्षक सह साहित्यकार
जिला बड़वानी मप्र