संगठन मे मात्र स्वयं की संतुष्टता यथार्थ मूल्यांकन नही, दुआयें सफल बनाती है: बीके मंजू
बिलासपुरः शिव अनुराग भवन राजकिशोरनगर में पाजिटिव थिंकिंग की क्लास चल रही है। बीके मंजू ने कहा कि संगठन मे या परिवार मे जिम्मेदारियां निभानी होती है, सेवा करनी होती है। सेवा से खुशी भी मिलती है, संतुष्टि भी मिलती है। पर सिर्फ स्वयं की संतुष्ट है और बहुतायत हमारे कार्य से संतुष्ट नही है तो इसे सफलता मानना यथार्थ मूल्यांकन नही है। कुछ पांच प्रतिशत को छोड़ बडा हिस्सा संतुष्ट हो यही हमे दुआओं का पात्र बनानी है।

आगे कहा कि परमात्मा को दिलवाले प्रिय है। दिमाग वाले नाम कमाते है पर दिलवाले दुआयें कमाते है। ये दुआयें इस जन्म मे भी सफलता दिलाती है और पुण्य के रूप मे आगे की यात्रा मे साथ चलती है।