श्री झूलेलाल सेवा समिति द्वारा राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में विभाजन की विभीषिका को स्मरण किया गया।
गुरु ग्राम में आयोजित इस कार्यक्रम की कोआर्डिनेटर अनीता शिवनानी अध्यक्ष विनोद पहिलाजानी, महामंत्री किशोर मंगलानी थे।
विभाजन विभीषिका में भारत के गौरवशाली इतिहास को किया गया कलंकित— इंद्रेश कुमार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य मा. इंद्रेश कुमार जी ने भारत के गौरवशाली इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला तो वहीं भारत की अखंडता को भी रेखांकित किया।
विभाजन के समय प्रधानमंत्री पं.नेहरू व कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य कृपलानी की वार्ता हो सार्वजनिक
अयोध्या धाम में जन्मे विशिष्ट अतिथि विभागाध्यक्ष भारतीय भाषा विभाग दिल्ली विश्वविद्यालय व चेयरमैन सेंटर फॉर इंडिपेंडेंस एंड पार्टीशन स्ट्डीज दिल्ली विश्वविद्यालय प्रो रवि प्रकाश टेकचंदानी ने अपने संबोधन में कहा कि जब तत्कालीन एकमात्र राजनैतिक व सत्ताधारी दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वयं सिंध प्रदेश के निवासी आचार्य जे.बी. कृपलानी जी थे तब भी विभाजन के दौरान सिंध का शहर तो छोड़िए एक भी गांव आज के भारत में नहीं आ पाया ?
प्रो रवि ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री और सर्व शक्तिमान नेता पं जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य जे.बी.कृपलानी के मध्य तत्समय हुए संवाद पर शोध की आवश्यकता है।
देश को यह पता होना चाहिए कि अपने सनातन धर्म की रक्षा की खातिर सिंध प्रदेश वासियों ने अपनी जन्मभूमि और पूर्वजों की विरासत को छोड़कर दाने दाने होकर बिखरना चुना,इसके पीछे एसी कौन सी शक्तियां काम कर रही थीं जिन्होंने भारत की अखंडता को खंडित करने में लाखों निर्दोषों की हत्या करवाने में तनिक भी संकोच न किया।
इस अवसर पर शालिनी सागर, भीष्म टेकचंदानी व मेघा खेमानी ने भी विभाजन विभीषिका के वीभत्स पहलुओं को उकेरा व संबोधित किया तो वहीं सिंधु कला संगम द्वारा अमर शहीद हेमू कालाणी पर भावपूर्ण नाटिका का मंचन भी किया गया।
विश्व प्रकाश रूपन
सदस्य प्रतिनिधि
राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद