बिलासपुर:- वित्त मंत्रालय ने सोमवार, 18 अगस्त को जारी अधिसूचना में 30 सितंबर तक कपास आयात पर सीमा शुल्क में अस्थायी छूट की घोषणा की। केंद्र सरकार ने कच्चे कपास पर लगने वाला 11% आयात शुल्क (ड्यूटी) अगले 42 दिनों के लिए हटा दिया है। यह छूट 30 सितंबर तक रहेगी।
कैट बिलासपुर के अध्यक्ष किशोर पंजवानी व महामंत्री हीरानन्द जेयसिह ने बताया कि यह फैसला टेक्सटाइल उद्योग को राहत देने के लिए लिया गया है, जो बढ़ती कच्चे माल की कीमतों और अमेरिका से आने वाले नए टैरिफ चुनौतियों से जूझ रहा है।

क्यों लिया गया ये फैसला?
सरकार ने सोमवार देर शाम जारी एक अधिसूचना में कहा कि यह छूट “जरूरी” कदम है और “जनहित में” ली गई है। इससे पूरे टेक्सटाइल सेक्टर जैसे सूत, कपड़ा, परिधान (गारमेंट्स) और होम टेक्सटाइल बनाने वालों को महंगाई के दबाव से राहत मिलेगी। खासकर अब जब त्योहारी सीजन नजदीक है और निर्यात को गति देने की जरूरत है।
अमेरिकी बाजार में दिक्कतें भी एक वजह
एनडीटीवी प्रॉफिट के मुताबिक यह फैसला ऐसे वक्त आया है जब भारतीय निर्यातकों को अपने अहम अमेरिकी बाजार में टैरिफ की नई बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। उद्योग ने शिकायत की थी कि कपास की ऊंची कीमतें और शुल्क, कपड़ों और घरेलू टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में उनकी प्रतिस्पर्धा कम कर रही थी।
कैट बिलासपुर के अध्यक्ष कैट के राष्ट्रीय कौंसिल सदस्य किशोर पंजवानी ने कहा —–
ये राहत सिर्फ अस्थायी है
सरकार ने साफ किया है कि यह एक अल्पकालिक कदम है। अगर इसे बढ़ाया नहीं जाता, तो 30 सितंबर के बाद कपास आयात पर फिर से 11% शुल्क लग जाएगा। भारत के सबसे बड़े रोजगार देने वाले क्षेत्रों में शुमार टेक्सटाइल और परिधान उद्योग वैश्विक कपास कीमतों में उतार-चढ़ाव और कमजोर अंतरराष्ट्रीय मांग की वजह से पहले से ही दबाव में है।