बिलासपुर :- सागर शिखर समिति सरकंडा बिलासपुर के द्वारा 10 वर्षों से भगवान,
श्री गणेश जी की स्थापना की जा रही है इस अवसर पर पिछले 5 वर्षों से निरंतर राधा अष्टमी के अवसर पर भजन संध्या का आयोजन किया जाता है जिसमें समिति के सभी सदस्य उपस्थित होते हैं शानदार भजन संध्या में दर्शकों का विशेष लगाव रहता है प्रतिवर्ष सभी लोग राधा अष्टमी के अवसर पर आयोजित होने वाले इस भजन संध्या का बेसब्री से प्रतीक्षा करते हैं इस वर्ष भी राधा अष्टमी के अवसर पर 31 अगस्त 2025 को सागर शिखर समिति में राधा अष्टमी का


आयोजन धूमधाम से किया गया जिसमें शानदार भजन मंडली का के द्वारा भजन संध्या आयोजित की गई जिसे सभी दर्शकों ने मंत्र मुग्ध होकर सुना, आचार्य अमर कृष्ण शास्त्री जी के द्वारा कई भक्ति भरे भजन व गीत गाए जिसे सुनकर उपस्थित सभी भक्तजन भाव विभोर हो गए इस अवसर पर शास्त्री जी के द्वारा वृंदावन की एक सच्ची घटना का वर्णन करते हुए बताया की वृंदावन में जो अभी विराजमान है बांके बिहारी वह कोई इंसान के द्वारा बनाई हुई मूर्ति नहीं है बल्कि क्षात-साथ प्रकट हुई भगवान श्री कृष्ण की मूरत है स्वामी हरि महाराज जी के द्वारा भगवान को प्रसन्न करके वह मूर्ति साक्षात प्रकट हुई है उन्होंने इस घटना का विस्तार से भक्तों को बताया और कहा कि यह भगवान, श्री कृष्ण के साथ राधारानी भी जुड़ी हुई है वे दो नही एक है शरीर से वे दो दिखाई देते हैं पर असल में आत्मा एक है , राजा अकबर ओर तानसेन के बारे में भी बताया कि वे भी ईस मंदिर से किस तरह जुड़े हुए थे
यह कार्यक्रम लगभग 3 घंटे से ज्यादा समय तक चलता रहा और सभी श्रोता भाव विभोर होकर राधा कृष्ण की भक्ति में संगीत साधना में डूबे रहे
कार्यक्रम के आखिर में आरती कर प्रसाद वितरण किया गया


इस अवसर पर सागर शिखर समिति के सभी पदाधिकारी श्रीमती कविता सिंह ,श्री लक्ष्मीकांत शुक्ला ,आशीष शर्मा, डॉक्टर कमलेश मौर्य, डॉक्टर जेपी स्वान, एसके श्रॉफ ,श्री अविनाश पांडे जेपी बाजपेई एवं अन्य बहुत से श्रोता उपस्थित रहे ।राधा अष्टमी की भजन संध्या की आयोजन में श्री गोपाल पाठक जी का सर्वाधिक योगदान रहता है, ईस पूरे आयोजन को हमर संगवारी के प्रधान संपादक विजय दुसेजा ने विशेष रूप से पहुच कर कवर किया