अतुलनीय अद्भुत माधुर्य भाषा हिंदी,
श्रृंगार वात्सल्य से पूर्ण हिंदी ।
वीर रस से ओतप्रोत ,
भक्ति भाव विभोर हिंदी ।।१ शांत सौम्य करुणा का प्रतीक, दोहा छंद चौपाई से सुशोभित हिंदी। कहानियां,आलेख नाट्य रूपांतरण ,
यात्रा वृत्तांत गद्य पद्य में समाहित हिंदी।।२
मीरा कबीर तुलसी सूर की हिंदी,
निराला,दिनकर,प्रसाद के साहित्य का स्वर।
प्रेमचंद के कहानियों में रची बसी,
भारतेंदु,महादेवी की कलम हिन्दी।।३ सहज सुलभ प्यारी भाषा हिंदी, जनमानस के अंतर्मन में बसी हिंदी। राष्ट्रीय एकता की पहचान हिंदी,
वैश्विक स्तर पर परचम लहरा रही हैं हिंदी।।४
राष्ट्र की संस्कृति संवाहक हिंदी,
देश का अभिमान सम्मान हिंदी।
भारत के कण कण में आल्हादित हिंदी,
भारत माता का माणिक मुकुट हैं हिंदी।।५
डॉ. विजय पाटिल
संयोजक
विश्व हिन्दी परिषद मप्र