चैतन्य देवियों व सेवाधारियों का ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा भावपूर्ण सम्मान समारोह
बिलासपुर राज किशोर नगर:- ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आयोजित चैतन्य देवियों की झांकी के सफल आयोजन पर एक विशेष कार्यक्रम में देवियों और सभी सेवाधारियों का सम्मान समारोह बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन नारी सशक्तिकरण, सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक गरिमा का संगम बन गया, जहाँ कन्याओं और बहनों को देवी रूप में विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
आध्यात्मिक संदेश:
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने कहा कि “नारी केवल शक्ति का स्वरूप नहीं, वह सृजन, सेवा और संस्कारों की जननी भी है। जब एक कन्या में देवी को देखा जाता है, तभी समाज में संतुलन और सद्भाव स्थिर होता है।”


मंजू दीदी ने बतलाया कि माँ दुर्गा के रूप में विशेष कर समर्पित ब्रह्माकुमारी दीदी ही विराजित होती रहीं क्योंकि सभी को एकाग्रता, शान्ति और शक्ति के वाइब्रेशन देने के लिए भगवान से प्रीत और उनकी याद में बैठने के अभ्यासी होना आवश्यक है। अन्य देवियों के रूप में विराजित कुमारियां नई साधिकायें होती थीं। दीदी ने उन्हें राजयोग का अभ्यास और भगवान से प्यार बढ़ाने की प्रेरणा दी।
झांकी के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था वाले भाई बहनों का भी विशेष सम्मान किया गया। इसके अतिरिक्त अन्य सभी सेवाधारियों का भी सम्मान के साथ आभार व्यक्त किया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ:
“आई जगदंबा” गीत पर कुमारी दिव्या बहन व समूह द्वारा भावनात्मक नृत्य प्रस्तुति व
“मेरी मां के बराबर कोई नहीं” पर सृष्टि सोनी द्वारा एकल नृत्य ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
नृत्य के बाद सभी ने “कभी फुर्सत हो तो जगदंबे” गीत पर ध्यान-सत्र में भाग लिया।
विशेष सम्मान:
कु. आरणा साहू नामक बालिका को नेशनल मार्शल आर्ट प्रतियोगिता में कांस्य पदक प्राप्त करने पर विशेष सम्मान प्रदान किया गया — यह कन्याओं की आंतरिक शक्ति का प्रतीक बना।