(सद्गुरु बाबा दयाल दास सद्गुरु बाबा आत्माराम साहेब जी के स्वरूप की स्थापना की गई)
बिलासपुर :- मैहड़ दरबार तोरवा बिलासपुर में गुरु नानक देव जी का 556 वां प्रकाश उत्सव बड़े हर्षोऊल्लास के साथ मनाया गया कार्यक्रम 1 नवंबर से प्रतिदिन प्रभात फेरी का आयोजन किया जा रहा था जिसका समापन 7 नवंबर को सुबह 5:30 बजे संत नारायण दास साहेब जी के सानिध्य में भव्य शोभा यात्रा निकाली गई जो कि नगर भ्रमण करके वापस दरबार साहब में समापन हुई 11:00 बजे बाबा दयाल दास साहब बाबा आत्माराम साहेब जी के स्वरूप स्थापना के पूर्व हवन किया गया एवं प्राण प्रतिष्ठा की गई आए हुए सभी भक्तों के लिए आम भंडारा का आयोजन किया गया सभी भक्तों ने भंडारा ग्रहण किया संध्या शाम 6:00 बजे महिला मंडल द्वारा श्री सुखमणि साहिब का पाठ किया गया रात्रि 8:00 बजे से 12:00 बजे तक संत नारायण दास साईं जी के द्वारा भजन कीर्तन करके साध संगत को निहाल किया इस अवसर पर विश्व गुरु श्री गुरु नानक देव साहेब जी की डोली उतारी गई भव्य आतिशबाजी की गई


नारायण सांई जी के द्वारा अपने अमृत वचनों में आए हुए सभी साध संगत को गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व की बाबा जी के स्वरूप प्राण प्रतिष्ठा समारोह की सभी को बहुत-बहुत बधाइयां एवं शुभकामनाएं दी इस अवसर पर उन्होंने ज्ञानवर्धक कई बातें बताई वह कई प्रसंग सुनाए जिसमें एक प्रसंग था की एक व्यक्ति राजा के पास आता है और कहता है कि मेरे चार प्रश्नों का उत्तर दीजिए तीन लोगों को साथ में लेकर आता है उनकी कहानी सुन कर उसके बाद मुझे आप बताएं सब की कहानी सुनाने के बाद उसके मंत्री ने उसके प्रश्नों का उत्तर दिया उस कहानी का तात्पर्य यह था कि एक व्यक्ति जो की यहां सुखी है और ऊपर में भी सुखी है एक व्यक्ति यहां दुखी है ओर ऊपर में भी दुखी है एक व्यक्ति यहां सुखी है तो ऊपर में दुखी है एक व्यक्ति ऊपर में सुखी है तो यहां दुखी है


चारों की कहानी को सुनने के बाद उन्होंने सबको विस्तार से जानकारी दी कि वह क्यों दुखी है और वह क्यों सुखी है इस पूरी कहानी का सार यही आया की जो व्यक्ति सत्य मार्ग पर चलता है धर्म की राह पर चलता है गुरु का नाम सिमरन जपता है वही व्यक्ति यहां भी सुखी रह सकता है और ऊपर में भी सुखी हो सकता है मतलब यह लोक भी संवर जाएगा और परलोक भी संवर जाएगा और दिनभर काम करने बाद रात्रि सोने से पहले एक बार सोचे कि आज आपने दिन भर में कितने अच्छे कार्य किया उसके लिए भगवान को शुक्रिया कीजिए कि आप के आशीर्वाद से आज मैंने बहुत सारे अच्छे कार्य किया और कुछ अपने गलतियां की होगी अनजाने में किसी के दिल दुखाया होगा उसके लिए भी भगवान से प्रार्थना कीजिए कि दोबारा मेरे से यह गलती ना हो उसके लिए मुझे क्षमा कीजिए


और दूसरे दिन जो अपने पहले दिन गलतियां की थी उन गलतियों को सुधार करने के लिए उस पाप को कम करने के लिए और ज्यादा अच्छे कार्य कीजिए ताकि कल का जो घटा है वह आज पूरा हो जाए अच्छे कार्यों से जितना है जो भी है उसमें ही खुश रहना सिखो जिस दिन आप शुक्रिया करना सीख जाओगे खुश रहना सीख जाओगे भगवान आपको जितना अपने सोचा नहीं होगा उससे डबल आपको देगा बस लालच न करें कर्म करें सेवा करें बाकी ऊपर वाले पर छोड़ दे आपका किया गया कर्म दिया हुआ दान कभी बेकार नहीं जाएगा आज नहीं तो कल या पिछले जन्म में इसका फल आपको जरूर मिलेगा इसलिए हमेशा अच्छा सोचे अच्छा काम करें और प्रभु का सिमरन नाम जरूर जपे कार्यक्रम के आखिर में केक काटा गया प्रभु को भोग लगाया गया साध संगत में वितरण किया गया आए हुए सभी संगत के लिए आम भंडारा का आयोजन किया गया बड़ी संख्या में लोगों ने भंडारा ग्रहण किया आज के इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में मैहड़ दरबार बिलासपुर के सभी सदस्यों का महिला विंग का विशेष सहयोग रहा
इस पूरे कार्यक्रम को कवर करने के लिए हमर संगवारी से विजय दुसेजा ओर गोविन्द दुसेजा सिंधु संगम मीडिया से प्रीति वधवा विशेष रूप से पहुंचे और पूरे कार्यक्रम को कवर किया अंत में नारायण साईं जी के द्वारा उनका सम्मान किया गया और आशीर्वाद दिया गया