अयोध्या
राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश पर मुंबई के प्रतिष्ठित एच.आर.कालेज में चल रही “सिंधी सर्टिफिकेट कोर्स “कक्षाओं का निरीक्षण अयोध्या से विश्व प्रकाश “रूपन”ने पहुंच कर किया।
मुंबई के प्रतिष्ठित एच.आर.कालेज की कक्षा का निरीक्षण विश्व प्रकाश रूपन ने किया
राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद, शिक्षा मंत्रालय में सदस्य प्रतिनिधि विश्व प्रकाश रूपन निरीक्षण उपरांत जारी बयान में बताया कि वे अपनी रिपोर्ट शीघ्र प्रेषित करेंगे।
श्री रुपन ने कहा कि केंद्र सरकार निरंतर भाषा प्रसार हेतु नई एजुकेशन पालिसी के तहत केंद्रीय शिक्षा मंत्री मा. धर्मेंद्र प्रधान के कुशल नेतृत्व में व उपाध्यक्ष डा.मोहन मंघनानी व निदेशक सुनील बाबूराव कुलकर्णी व उपनिदेशक रीना सीरवानी के समर्पित मार्गदर्शन में संपूर्ण देश के अनेक प्रदेशों में एसे अनेक कोर्सेज शैक्षिक संस्थानों में चला कर सिंधी युवाओं को मातृभाषा से जोड़ने व सिंधी भाषा प्रसार का शानदार कार्य कर रही है।

गौरतलब है कि हैदराबाद विश्वविद्यालय मुंबई की कुलगुरु डा. हेमा वागला के बहुमूल्य सहयोग व इससे संबद्ध इस कालेज की प्राचार्या डा. पूजा राम चंदानी के दिशानिर्देशन में इन कक्षाओं का सुव्यवस्थित व अनुशासित संचालन शिक्षक हरेश तलरेजा व काजल केसवानी द्वारा किया जा रहा है।
सांस्कृतिक भारत के गौरव सिंधु सभ्यता, लोकसंस्कृति, मातृभाषा के समृद्ध इतिहास के बारे में बताते श्री रुपन ने युवाओं से आगे आकर भारत सरकार की इन कक्षाओं में अधिकाधिक प्रतिभाग करने हेतु विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को भी प्रोत्साहित किया।
कुल पंद्रह पाठों में से अब तक दस पाठ पूर्ण कराये जा चुके हैं।मौके पर अनेक विद्यार्थियों द्वारा उसका पाठ भी सुना गया।
पंजीकृत बासठ विद्यार्थियों में अधिकांश की उत्साहजनक उपस्थिति मिली।
इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा अपनी भाषा, संस्कृति व लोककला के प्रदर्शन हेतु वृहद स्तर पर की जा रही तैयारी की भी झलक देखने को मिली।
———————————————–मातृभाषा में पढ़ रहे बच्चों में तेजी से हो रहा चरित्र निर्माण– प्रो रामचंदानी
कालेज की प्राचार्या डॉ पूजा राम चंदानी द्वारा सदस्य प्रतिनिधि एनसीपीएसएल विश्व प्रकाश रूपन का जहां स्वागत किया गया तो वहीं निरीक्षण उपरांत आयोजित परिचर्चा के समापन पर धन्यवाद ज्ञापन शिक्षक हरेश तलरेजा द्वारा किया गया।
विश्व प्रकाश” रूपन “
सदस्य प्रतिनिधि
राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार