बिलासपुर/ चक्करभाटा:- ब्रह्मलीन पूज्य बाबा गुरमुख दास साहेब जी की धर्म पत्नी एवं संत सांई लाल दास साहेब जी, वह शोभराज जसूजा धर्मू जसूजा की माता जी श्रीमती धर्मी देवी जसूजा जी का कल रात रायपुर में अचानक तबीयत खराब हुई और अस्पताल में ही उनका देहांत हो गया जिनका अंतिम संस्कार आज 20 जनवरी को मुक्तिधाम चकरभाठा में किया गया उनके पार्थिव शरीर को कल रात 11:00 बजे लेकर चक्करभाटा पहुंचे झूलेलाल मंदिर में रखा गया भक्तों के दर्शनाथ हेतु सुबह भी बड़ी संख्या मे भक्त जनों ने उनके पार्थिव शरीर का दर्शन किया , ओर श्रद्धा के फूल अर्पण किये दोपहर 2:00 बजे विधि विधान के साथ अंतिम संस्कार यात्रा, संत सांई लाल दास साहेब जी के निवास स्थान से आरंभ होकर, बाबा गुरमुख दास कुटिया मैं पहुंची जहां पर जहां पर पूज्य माता साहब जी माथा टेकाया गया आरती की गई बाबा जी की और वहां से निकल कर झूलेलाल मंदिर पहुंची मंदिर में भी माथा टेकर कर अरदास की गई वहां से निकलकर नगर भ्रमण करते हुए गुरुद्वारा साहब पहुंची वहां पर माथा टेकाया गया


अरदास की गई और निकल कर नगर भ्रमण करते हुए मुक्तिधाम चकरभाठा पहुंची इस अंतिम संस्कार यात्रा में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए अलग-अलग शहर और प्रदेशों से लोग रात को ही आना शुरू हो गए थे और सुबह होते होते बड़ी संख्या में भक्त जन पहुंचे
अंतिम संस्कार यात्रा का नगर वासियों व समाजसेवियों के द्वारा फूलों की वर्षा की गई वह माताजी को हाथ जोड़कर प्रणाम् किया गया कई लोगों के आंखों से आशु रुक नहीं रहे थे माता जी की याद में किसी को विश्वास नहीं हो रहा था कि यह सब अचानक कैसे हो गया उनकी यादें उनका हंसता हुआ चेहरा उनकी सादगी और विनम्रता, सब याद आ रही थी

इस अवसर पर शिव धारा
आश्रम अमरावती के संत सांई संतोष कुमार जी शदाणी दरबार रायपुर से सांई उदय लाल जी विशेष रूप से चकरभाटा पहुंचे वह इस अंतिम संस्कार यात्रा में शुरू से लेकर अंत तक साथ में रहे विधि विधान के साथ पंडित पुराण शर्मा जी के द्वारा पूज्य माता साहिब जी का अंतिम संस्कार संपन्न करवाया कई सामाजिक संस्थाओं व पंचायतों के अध्यक्षों ने श्रद्धा के दो फूल अर्पण किया और माताजी के ब्रहर्मलीन होने पर दुख व्यक्त किया और प्रभु से प्रार्थना की उनकी पुनीत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें वह जसूजा परिवार को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें इस अवसर पर संत सांई संतोष कुमार, जी व उदय सांई जी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि माँ तो मां होती है चाहे वह सामान्य इंसान की हो या संत की हो चाहे राजा महाराजा की हो मां का 💜❤दिल एक होता है और उसकी ममता सबको बराबर, मिलती है,


हम जितना भी कहें लेकिन मां का स्थान कोई नहीं ले सकता और धन्य है वह माता जिन्होंने ऐसे सपूत सांई लाल दास जी को जन्म दिया एक तरफ उनके पति बाबा गुरमुख दास जी भी सेवा करते-करते लोक से परलोक पहुंचे प्रभु के चरणों में उसी तरह उनके पद चिन्हों पर चलते हुए वह भी दीन दुखियों की सेवा करती रही और अपने पुत्र को भी वही सिखाया की दीन दुखियों की सेवा करो भगवान झूलेलाल का नाम घर-घर तक पहुंचे इसके लिए कार्य करो माता से आशीर्वाद लेकर सांई जी आगे बढ़े और 25 साल हो गए गद्दीनशीन हुए इन 25 सालों में देश-विदेश तक कोई ऐसा घर या कोई ऐसा नगर शहर नहीं बचा जहां भगवान झूलेलाल का नाम न लिया जाता हो हर हर झूलेलाल घर-घर झूलेलाल का संदेश दिया और घर-घर झूलेलाल पहुंचाया सिंधीयो को जगाया यह सब मां की कृपा के आशीर्वाद से ही संभव हो पाया ऐसे सपूत को जन्म देने वाली परम पूज्यनीय माताजी को हमारा बारंबार प्रणाम लोग आते हैं और चले जाते हैं क्यूंकि यह मृत्यु लोग है जो जन्म लिया है उसे तो एक दिन ईश्वर के पास जाना है लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अपने कर्मों से अपने कार्यों से अमर हो जाते हैं और लोगों के दिलों में एक अलग ही पहचान बनाते हैं उनमें से एक थी हमारी पूजनीय माता जी अपनी सादगी अपनी मुस्कान और अपने सेवा कार्यों से एक अलग पहचान बनाई थी हम भगवान झूलेलाल से यही प्रार्थना करेंगे कि उनको अपने चरणों में स्थान दें वह जैसे बाबा जी को अपने चरणों में स्थान दिया सेवा का मौका दिया वेसा ही सेवा का मौका दें अपने चरणों में स्थान दें,



वह इस दुख को सहने की जसूजा परिवार को भगवान शक्ति दे, पूज्य सिंधी पंचायत चकरभाठा, दुर्ग रायगढ़ मुंगेली बिलासपुर बिल्हा रायपुर तिल्दा भाटापारा गोंदिया राजनंदगांव शहडोल पेंड्रा नागपुर अलग-अलग शहरों के पंचायत व सामाजिक संस्थाओं ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की,
हमर संगवारी परिवार भी परम पूजनीय माता धर्मी देवी जी को श्रद्धांजलि अर्पित करता है वह भगवान झूलेलाल से प्रार्थना करता है कि इस पुनीत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें वह उनके परिवार जनों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें,