बिलासपुर/चकरभाठा। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्री झूलेलाल मंदिर चकरभाठा में प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी बाबा गुरमुख दास साहेब जी के 79वें अवतरण दिवस पर निःशुल्क सामूहिक विवाह समारोह का भव्य आयोजन किया गया। संत श्री सांई लाल दास जी के सानिध्य में 6 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक विधि-विधान और संतों के आशीर्वाद के साथ विवाह के पवित्र बंधन में बंधे। सात फेरों के साथ नवदंपतियों ने सात जन्मों तक साथ निभाने, सुख-दुख में सहभागी बनने और जीवनभर एक-दूसरे का साथ देने का संकल्प लिया।
इन 6 जोड़ों ने थामा जीवनसाथी का हाथ
सामूहिक विवाह में निम्नलिखित वर-वधु परिणय सूत्र में बंधे—

मनोज मोटवानी (चक्करभाटा) एवं अंजलि तलवानी (रायपुर)
मोहित रावलानी (बिलासपुर) एवं मुस्कान परसवानी (बिलासपुर)
मनीष तेजवानी (राजनांदगांव) एवं पूनम आसवानी (रायपुर)
सुमित फूलवानी (रायपुर) एवं विंदेश्वरी (बीजापुर)
सूरज सामनानी (बिलासपुर) एवं महक नागवानी (बिलासपुर)
अमर संतवानी (बिलासपुर) एवं नंदिनी (बिलासपुर)
धार्मिक अनुष्ठान और भव्य बारात ने बढ़ाई गरिमा
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान झूलेलाल जी एवं बाबा गुरमुख दास जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ। सुबह 8:30 बजे रामसत, 9:00 बजे नाश्ता, 10:00 बजे मुकुट बंधन एवं दोपहर 12:00 बजे ढोल-नगाड़ों, डीजे और बैंड-बाजे के साथ भव्य बारात झूलेलाल मंदिर से निकली। बारात बाबा गुरमुख दास कुटिया पहुंची, जहां बाबा जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और आरती कर आशीर्वाद लिया गया।
संत श्री सांई लाल दास जी रथ में विराजमान होकर श्रद्धालुओं को दर्शन देते हुए बारात में शामिल रहे। नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा फूलों की वर्षा, आतिशबाजी और स्वागत किया गया। बारातियों के लिए शरबत, पानी और स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई।

संगीत, संस्कार और वैदिक मंत्रों के बीच संपन्न हुआ विवाह
दोपहर 2:00 बजे समधि मिलन एवं जानीवासा कार्यक्रम हुआ। मनीष म्यूजिकल पार्टी गोंदिया द्वारा सिंधी लाड़ा और हिंदी गीतों की शानदार प्रस्तुति दी गई, जिस पर बारातियों और अतिथियों ने उत्साहपूर्वक नृत्य कर आनंद लिया। शाम 5:00 बजे पंडित पुरुन शर्मा जी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हस्त मिलाप और सात फेरे संपन्न कराए गए।
पंडित जी ने विवाह के सात फेरों का महत्व बताते हुए कहा कि यह सात जन्मों का पवित्र बंधन है, जिसमें पति-पत्नी को सुख-दुख में साथ रहकर एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए, एक-दूसरे के परिवार को अपना परिवार मानना चाहिए और धर्म एवं संस्कारों का पालन करना चाहिए।
नवदंपतियों को दिए गए आशीर्वाद और उपहार
संत सांई लाल दास जी ने अपनी अमृतवाणी में नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि संतों के सानिध्य में हुआ विवाह अत्यंत शुभ और सौभाग्यशाली होता है। उन्होंने विवाह को जीवन रूपी गाड़ी के दो पहियों के समान बताते हुए कहा कि दोनों का साथ और संतुलन ही जीवन को सफल बनाता है।
मंदिर समिति द्वारा नवविवाहित जोड़ों को मंगलसूत्र, सोने-चांदी के आभूषण, बिछिया, पायल, चांदी की गाय, चांदी का गिलास, एलईडी टीवी, कलर फ्रिज, कूलर, कपड़े, सूटकेस
सिलाई मशीन नगद 3200 रुपए आयरन प्रेस डिनर सेट भगवान झूलेलाल जी की मूर्ति
सहित लगभग 60 प्रकार के घरेलू उपयोगी उपहार भेंट किए गए।
समाज के गणमान्यजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे उपस्थित थे

इस विवाह समारोह में पूज्य सिंधी पंचायत चकरभाठा के अध्यक्ष सुरेश फोटानी, रियासती पंचायत के अध्यक्ष मनोहर लाल मलघानी, छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के कोषाध्यक्ष कैलाश बालानी, छत्तीसगढ़ सिंधी महापंचायत के अध्यक्ष अमर गिद्धवानी,चक्करभाटा सिंधी पंचायत के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश जैसवानी, सिंधी युवक समिति बिलासपुर के अध्यक्ष मनीष लाहोरानी, अमर बजाज, कैलाश मलघानी, अमित संतवानी, मुकेश मूलचंदानी, मनोहर खटवानी, पूज्य सिंधी पंचायत बिरादरी के अध्यक्ष नरेंद्र नागदेव, व्यापार विहार एशोसिएशन के अध्यक्ष नानकराम खाटूजा, सिंधु कल्चर एलाइंस फोरम के अध्यक्ष हेमंत कलवानी, नानक पंजवानी, जगदीश जाग्यासी, पूज्य सिंधी पंचायत यदुनंदन नगर के अध्यक्ष राम नागवानी, महेंद्र श्यामनानी, बिल्हा से महेश माखीजा, भाटापारा से महेश चंदानी, सिंधी कॉलोनी बिलासपुर से अजय टहल्यानी, अनिल बजाज, नगर पालिका बोदरी की अध्यक्ष श्रीमती नीलम विजय वर्मा, पार्षद विजय भा, राजा जैसवानी,
श्री झूलेलाल मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष रुपचंद डोडवानी, भारतीय सिंधु सभा बिलासपुर महिला विंग की अध्यक्ष कंचन मलघानी सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण भी किया गया, जिसे हजारों लोगों ने घर बैठे देखा। इस आयोजन को सफल बनाने में बाबा गुरमुख दास सेवा समिति चकरभाठा, बिलासपुर, भाटापारा, रायपुर, दुर्ग, भिलाई, गोंदिया, नागपुर, रायगढ़, झूलेलाल महिला सखी सेवा ग्रुप और सिंधी महिला मंडल चकरभाठा के सभी सदस्यों का विशेष योगदान रहा।
यह सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक समरसता, धार्मिक आस्था और सेवा भावना का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर समाज को सादगी और संस्कारों का संदेश दे गया।
इस पूरे कार्यक्रम को कवर करने के लिए हमर संगवारी से प्रधान संपादक विजय दुसेजा विशेष रूप से चक्करभाटा पहुंचे और वह पूरे आयोजन को कवर किया