( होली के रंग नगाडो़ के संग)
बिलासपुर। रंगों के महापर्व होली के नजदीक आते ही बिलासपुर का रपटा चौक पारंपरिक नंगाड़ों और ढोल की गूंज से जीवंत हो उठा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी खेरागढ़ के राजनांदगांव से आए कारीगरों ने यहां अपनी दुकानें सजाई हैं, जहां विभिन्न आकार और डिज़ाइन के नंगाड़े और ढोल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।
दुकानदार मनोज गावकर ने बताया कि होली के अवसर पर छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए अलग-अलग वैरायटी के नंगाड़े उपलब्ध हैं। इनकी कीमत 150 रुपये से शुरू होकर 4,500 रुपये तक है। उन्होंने बताया कि महंगाई के कारण इस साल कीमतों में हल्की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन फिर भी लोगों में खरीदारी को लेकर खासा उत्साह बना हुआ है।

मनोज गावकर पिछले लगभग 20 वर्षों से लगातार होली के पहले बिलासपुर में दुकान लगाते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे हर साल खेरागढ़ से आकर रपटा चौक में दुकान लगाते हैं और कुछ ही दिनों में उनका पूरा सामान बिक जाता है।
उन्होंने स्थानीय प्रशासन और पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यहां उन्हें पूरा सहयोग और सुरक्षा मिलती है, जिससे वे निश्चिंत होकर अपना व्यापार कर पाते हैं।
होली के पर्व की आहट के साथ ही बिलासपुर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है और नंगाड़ों की मधुर गूंज लोगों के उत्साह को और भी बढ़ा रही है। बगैर नगाडो़ के होली का मजा ही नहीं है जब नगाड़े बजते हैं गली मोहल्ले में बच्चे नाचते हैं गाते हैं तब अलग ही माहौल बनता है यह अपनी संस्कृति से जुड़ा हुआ एक वाद्य यंत्र है नगाड़ा ,सबकी पसंद भी है बच्चों से लेकर बडो़ तक इसलिए, इन सब को ध्यान में रखते हुए छोटे नगाड़े से लेकर बड़े नगाड़े उपलब्ध हैं जैसे

चिमटी ₹150 पटवा ₹300 ताशा ₹500 जोड़ी ,
छोटा नागडा़ ₹1200 बड़ा नगाड़े ₹3500 जोड़ी
इस बार मात्र पांच ही परिवार पहुंचे हैं दुकान लगाने के लिए तो नगाड़े कम है इसलिए देर ना करें अगर आप भी नगाडा़ बजाने के शौकीन हैं और नगाड़ा लेना चाहते हैं तो पहले पहुंचकर नगाड़ा जरूर ले