विजय की ✒ कलम
(बे कसूर लोगों पर पाकिस्तान की सेना ने जो बम गिराया, तो
क्या अब पाकिस्तान का भी अंत नजदीक है)
देश /विदेश :- जो आज पूरे विश्व की हालत है हर जगह भूख मरी लूटमार और बम के धमाके की आवाज और खबरें आ रही हैं महंगाई की खबरें आ रही हैं तेल महंगा है गैस महंगा हो गया कहीं मिल नहीं रहा है खाने की वस्तु महंगी हो गई है और आज इस देश ने उस देश पर हमला कर दिया फिर उस देश ने इस देश पर धमाका कर दिया ऐसे ही खबरें अखबारों में सोशल मीडिया में और इलेक्ट्रानिक चैनलों में दिनभर चल रही है अब इन सब का जिम्मेदार कौन है?
वैसे तो 12 महीना ही कहीं ना कहीं युद्ध चलते रहता है पर विगत 24 दिनों से ईरान अमेरिका और इजराइल का युद्ध चल रहा है उसकी सजा 🌏विश्व के अन्य देश और बेकसूर लोग भूगत रहे हैं क्यों?
इसके कई कारण है सबसे बड़ा कारण है अमेरिका उसके पापो की सजा विश्व की अन्य देश और उनकी जनता भुगत रही है इस सबका किया धरा अमेरिका का है इजराइल अपने लोगों को बचाने के लिए यह सब कर रहा है और ईरान जिनके वरिष्ठ लीडर और प्रमुख लीडर इस युद्ध में मर चुके हैं इसका कारण भी कहीं ना कहीं ईरान खुद भी है और अमेरिका तो ही है लेकिन साथ में इरान भी है अहंकार के कारण उसके लीडर भी मरे और उसकी जनता भी मर रही है हम यह नहीं कहते हैं कि पूरा कसूर ईरान का है पर 20% कसूर उसका है 80% कसूर अमेरिका का है अमेरिका 👉 दादागिरी के कारण यह सब हो रहा है अब ईरान 🇺🇸अमेरिका🗽 तक बम भेज कर नुकसान नहीं पहुंचा सकता है तो वह अपने आसपास जो देश है जहां पर अमेरिका के बेस हैं और जो उसके सपोर्टर देश है उन पर हमला कर रहा है और विश्व में जहां से खाद्य सामग्री गैस और तेल आपूर्ति जल मार्ग से होती है उस मार्ग को रोक कर विश्व में और महंगाई और भुखमरी को बढ़ावा दे रहा है
वह भी क्या करें वह भी अकेला है और लड़ रहा है अमेरिका के साथ इसलिए मजबूरी में उसे यह कदम उठाना पड़ रहा है लेकिन उसका यह कदम उठाने से अन्य बेकसूर लोगों को सजा मिल रही है इसमें भारत शांति की भूमिका में चुपचाप खड़ा देख रहा है जैसे महाभारत में पितामाह भीष्म चुपचाप खड़े सब देख रहे थे ,
कहीं ना कहीं इस पर भारत को एक्शन लेना चाहिए था और अभी भी वक्त है उसको आवाज उठानी चाहिए सच को बयां करना चाहिए और धर्म और न्याय नीति का साथ देना चाहिए इसी युद्ध के बीच में एक खबर आती है कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में एक अस्पताल में रात को हमला कर दिया बम गिरा दिया जिसमें बेकसूर 400 से ज्यादा मरीज जो अस्पताल भर्ती थे मर गए और 250 से करीबन घायल हो गए कहीं भी आज तक नहीं देखा गया है कि अस्पताल में बम गिराया जा रहा है अब यह युद्ध कहां जा रहा है आतंकवादियों को मारने के चक्कर में निकले थे और बेकसूर जो मरीज हैं उनको मार दिया और सबसे बड़े आतंकवादियों तुम्हारे देश में छुपे बैठे हैं खुलेआम भी घूम रहे हैं और तुम खुद आतंकवादियों को पाल पोछ रहे हो और कह रहे हो कि आतंकवादीयो को मारने गए थे पाकिस्तान में सबसे बड़े आतंकवादी देश तो तुम खुद हो तुम खुद आतंकवादी हो सेना आतंकवादी है कायराना हरकत करके आज पाकिस्तान दुनिया कि नजरों में गिरा हो या न गिरा हो लेकिन इंनसानियत की नजरों में गिर चुका है उसका भी अब अंत नजदीक है भारत को चाहिए कि वह अपनी मिसाइल अफगानिस्तान को बेचे और अपने डिफेंस सिस्टम भी उसे दे दे ताकि वह पाकिस्तान को सबक सिखा सके यही वक्त है कि हम पैसे भी कमा सकते हैं और अपने बेकसूर लोगों का हत्या का हिसाब भी ले सकते हैं बगैर गोली चलाएं अफगानिस्तान को हथियार बेचकर इससे अफगानिस्तान भी खुश होगा और हमारा और सपोर्ट करेगा हम एक ➡तीर से कई निशाने कर सकते हैं अमेरिका विश्व में अकेला पड़ गया है कोई भी देश उसका साथ देने को तैयार नहीं है फिर भी वह नहीं सुधर रहा है नाहीं समझ रहा है क्योंकि ट्रंप अपने सैनिकों के दम और अहंकार में जी रहा है और जिस तरह एक दूसरे के पेट्रोल के अड्डे वह गैस कि जगह पर हमले कर रहे हैं इससे उस देश का ही नहीं बल्कि विश्व के अन्य देशों का भी नुकसान है इससे महंगाई और बढ़ेगी और उसका बोझ गरीबों पर पड़ेगा बड़े देशों को और धान्य देश को तो फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन छोटे देश और गरीब देश पर बहुत असर पड़ेगा चुप रहने से कुछ नहीं होगा आवाज उठानी होगी और यह सब बंद करवाना होगा , आप
लड़ाई लड़ें लेकिन बेकसूर लोगों को मारने का किसी के पास हक़ नहीं है और विश्व के अन्य देशों को संकट में डालने का हक भी किसी के पास नहीं है संयुक्त राष्ट्र अंधा बनकर बैठा है सच को जानने के बाद भी सब कुछ देखने के बाद भी गांधी जी के तीन 🐒बंदर की तरह हो गया है क्या ऐसे संगठन की अब जरूरत है यां ऐसे संगठन पर बैठे लोगों की जरूरत है यह सोचने वाली बात है?
मोदी को विश्व लीडर कहा जाता है हमारे लीडर चुप क्यों बैठे हैं क्यों नहीं आवाज उठा रहे हैं तनिक फायदे के लिए दूरगामी जो नुकसान हो रहा है उसको वह क्यों नहीं समझ रहे हैं क्यों नहीं देख रहे हैं मंदिर में जाने से भगवान नहीं मिलेगा बल्कि सत्य कर्म करने से धर्म की राह पर चलने से सेवा पुण्य कर्म करने से भगवान मिलेंगे अभी भी समय है उठो जागो आगे बढ़ो जो हमारे महापुरूषों ने हमें सिखाया है उस राह पर चलो और विश्व को बचाना है तो इस युद्ध को रोकना होगा और इसके लिए भारत को आगे आना होगा तभी कुछ होगा नहीं तो तबाही तो हो रही है
(कोई बम से मरेगा तो कोई भुख से मरेगा)
और कोई मरे या ना मरे पर इंसानियत जरूर मर रही है और रोज मर रही है
संपादकीय