बिलासपुर/उसलापुर। ब्रह्माकुमारीज ओम शांति सरोवर, उसलापुर के तत्वावधान में “खुशियों का उपहार आपके द्वार” त्रिदिवसीय शिविर के अंतर्गत तीसरे दिवस “भाग्य की कलम आपके हाथ में” विषय पर एक विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में ब्रह्मकुमारीज के मुख्यालय माउंट आबू से पधारे प्रसिद्ध मुख्यवक्ता आदरणीय राजयोगी ब्रह्माकुमार ओमकार भाईजी ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कर्म और भाग्य के गहरे संबंध को सरल एवं प्रभावशाली तरीके से समझाया। उन्होंने कहा कि मनुष्य का वर्तमान ही उसके भविष्य का निर्माण करता है। हम जो भी कर्म करते हैं, वही हमारे भाग्य के रूप में लौटकर आता है। इसलिए व्यक्ति को अपने वर्तमान कर्मों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।


उन्होंने आगे बताया कि कई बार जीवन में आने वाली कठिन परिस्थितियाँ हमारे पिछले कर्मों का परिणाम होती हैं, जिन्हें बदलना संभव नहीं है, लेकिन वर्तमान में सकारात्मक और शुद्ध कर्म करके हम अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं। उन्होंने सभी को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति हमारे साथ गलत व्यवहार करता है, तो उसके प्रति भी हमें शुभभावना और सकारात्मक ऊर्जा ही रखनी चाहिए।
ओमकर भाईजी ने उदाहरण देते हुए समझाया कि नकारात्मकता को नकारात्मकता से समाप्त नहीं किया जा सकता, बल्कि उसे केवल सकारात्मकता और प्रेम से ही समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि “पत्थर के बदले पत्थर देने से समस्या बढ़ती है, लेकिन पत्थर के बदले फूल देने से संबंध और परिस्थितियाँ बदल सकती हैं।”
कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को यह संदेश दिया गया कि वे अपने जीवन में हर परिस्थिति में अच्छे कर्म करें और दूसरों के प्रति शुभभावना रखें, क्योंकि यही सच्चे अर्थों में भाग्य निर्माण की प्रक्रिया है।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने कार्यक्रम का लाभ उठाया और सकारात्मक जीवन जीने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान, संस्था प्रमुख ब्रह्माकुमारी छाया बहनजी ने सभी को एक विशेष मेडिटेशन कराया, जिसमें उन्होंने सभी को क्षमा दान देने की विधि से कराया। इस मेडिटेशन के माध्यम से सभी ने अपने मन से नकारात्मकता और बोझ को छोड़कर हल्केपन का अनुभव किया, जिससे सभी में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।
ईश्वरीय सेवा में
बी के छाया बहन